स्कूल जाने के लिए उफनती नदी पार करते हैं नन्हें बच्चे, गांव में नहीं है स्कूल
Sep 27, 2023
पटना । बिहार की शिक्षा व्यवस्था का हाल किसी से छुपा नहीं है और सरकार शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने का दावा करती है। इन सबके बीच पटना में गंगा की उफनती लहरों के बीच बच्चे शिक्षा के लिए संघर्ष करते हैं।
पटना के कलेक्ट्रेट घाट के बीच गंगा की धारा के बीचो-बीच एक टापू है। इस टापू क्षेत्र का नाम है सबलपुर दियारा। यह क्षेत्र छपरा जिले में आता है। यह इलाका सोनपुर विधानसभा और छपरा लोकसभा में भी आता है। इस गांव में एक हजार से अधिक परिवार रहते हैं और गांव में एक भी सरकारी स्कूल नहीं है। गांव के लोग अपने बच्चों को पढ़ने नाव से पटना स्कूल भेजते हैं।
चाहे बच्चों को पहली कक्षा में पढ़ना हो या दसवीं कक्षा में उनके लिए एकमात्र साधन यही है। बच्चों को नाव से स्कूल भेजने के दौरान अभिभावकों की जान तब तक हलक में रहती है जब तक की बच्चे वापस घर नहीं आ जाते हैं। मुजफ्फरपुर में बीते दिनों एक नाव हादसा हुआ था जिसमें कई स्कूली बच्चे नदी में डूब गए थे। इसके बाद भी शिक्षा विभाग सबक नहीं ले रहा है। बिहार के कई गांव आज भी ऐसे हैं जहां बच्चों को नदी पार करके ही स्कूल जाना पड़ता हैं।
सबलपुर गांव के बच्चों को सबसे अधिक दिक्कत बरसात के महीनों में होती है। जब पानी का जसलस्तर बढ़ जाता है। बातचीत में गांव के बच्चे और ग्रामीण बताते हैं कि चुनाव के वक्त नेता आते हैं और स्कूल बनवाने का दावा कर चले जाते हैं। चुनाव में जीत के बाद उनका दावा ठंडे बस्ते में चला जाता है। शिक्षा विभाग के अधिकारी बिहार में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लगातार स्कूलों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उसके बावजूद बिहार के कई ऐसे गांव हैं जहां स्कूल नहीं हैं।