जुड़(मप्र विधानसभा चुनाव) इस बार 5.52 करोड़ वोटर चुनेंगे राज्य की नई सरकार

Sep 06, 2023


- शतायु वोटर अब घर बैठे सकेंगे मतदान

भोपाल । मध्यप्रदेश में विधान चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के सिलसिले में  देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार की अगुआई में केंद्रीय निर्वाचन दल तीन दिवसीय दौरे पर भोपाल आया है। इस दौरान केन्द्रीय निर्वाचन दल ने 4  से 6 सितंबर तक प्रदेश में रहकर राज्य में चुनाव की तैयारियों का जायजा लिया और प्रदेश में शांतिपूर्ण चुनाव के लिए कानून व्यवस्था की समीक्षा की। इसके बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने बुधवार को प्रेस कान्फ्रेंस में मप्र में विधानसभा चुनाव की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि मध्‍य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना में राज्य सरकार का कार्यकाल समाप्त होने के ठीक पहले चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बार विधानसभा चुनाव में 5.52 करोड़ मतदाता प्रदेश की नई सरकार को चुनेंगे। इनमें प्रदेश 6,180 मतदाता ऐसे हैं, जो शतायु ( जिनकी सौ साल से ऊपर उम्र है) हो चुके हैं। ये शतायु मतदाता घर बैठकर मतदान कर सकें, इसके लिए चुनाव आयोग विशेष इंतजाम करने जा रहा है। 

मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि बीते दो दिनों में हमने विभिन्न राजनीतिक दलों, कानून व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों और जिलाधिकारियों, कमिश्नर, आइजी, एसपी आदि के साथ बैठक कर चुनाव तैयारियों की समीक्षा की। तथा राज्य निर्वाचन को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं। 


प्रदेश में कुल 5.52 करोड़ वोटर

उन्होंने बताया कि, प्रदेश में कुल 5.52 करोड़ मतदाता हैं, जिसमें पुरुष व महिला मतदाता लगभग बराबर हैं, महिलाएं थोड़ी कम हैं। 2.67 करोड़ महिला मतदाता हैं। ट्रांसजेंडर वोटर्स की संख्या 1336 है। प्रदेश में 7.12 लाख मतदाताओं की उम्र 80 साल या इससे अधिक है। जबकि 6,180 मतदाता ऐसे हैं, जिनकी उम्र 100 साल से ऊपर है। वरिष्ठ नागरिकों को मतदान में दिक्कत न हो इसके लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। वह घर से वोटिंग कर सकेंगे। इसके अलावा 18.86 लाख वोटर 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के हैं। जो कि पहली बार मताधिकार का प्रयोग करेंगे।


4 अक्टूबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल मतदाता सूची में सुधार का काम चल रहा है। 4 अक्टूबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। मतदाता सूची से किसी भी मतदाता का नाम तभी विलोपित किया जाएगा, जब फार्म 7 मिलेगा। बीएलओ के मैदानी सत्यापन के बगैर कोई भी स्व:संज्ञेय विलोपन नहीं होगा। यहां तक कि किसी की मृत्यु होने की स्थिति में डेथ सर्टिफिकेट के बगैर मतदाता का नाम नहीं काटा जाएगा।


अभी जुड़वा सकते वोटर लिस्ट में नाम

उन्होंने बताया जिस किसी को भी वोटर लिस्ट से शिकायत है या नाम जुड़वाना चाहते हैं, तो उनके लिए अभी भी समय है। वे वोटर लिस्ट में जुड़वा सकते हैं। इसके अलावा यदि उनकी कोई शिकायत है तो उसका निराकरण किया जाएगा।



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