जोंटी रोड्स बर्थडे: सिर्फ एक फील्डर नहीं, लीजेंड क्रिकेटर भी

नई दिल्ली,। दक्षिण अफ्रीका के मशहूर पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स आज यानी 27 जुलाई को अपना 55वां जन्मदिन मना रहे हैं। जोंटी रोड्स जो चीते की तरह गेंद पर लपककर कैच पकड़ना, रन रोकना और रन आउट करना यह उनकी खासियत थी। 1992 के विश्व कप में इंजमाम-उल-हक को रन आउट कर जोंटी रातों-रात स्टार बने गए। जोंटी रोड्स निश्चित तौर पर एक शानदार फील्डर थे, लेकिन इसके लिए वह अपनी टीम के बाकी सदस्यों से भी ज्यादा कड़ी प्रैक्टिस करते थे। बैकवर्ड पॉइंट पर उनकी फील्डिंग का कोई तोड़ नहीं था, जहां वह हवा में छलांग लगाकर असंभव कैच पकड़ते और रन बचाते थे।

एक बात और है जोंटी रोड्स हॉकी के भी शानदार खिलाड़ी थे और 1996 के ओलंपिक खेलों के लिए उनका टीम में चयन भी हुआ था, लेकिन उन्होंने ओलंपिक में भाग लेने से मना कर दिया था। फील्डिंग के अलावा उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में भी खूब हाथ आजमाए। साल 1997 में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी तकनीक में बड़े बदलाव किए और उसके बाद से टेस्ट क्रिकेट में उनका औसत 50 के करीब रहा। हालांकि, साल 2000 में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट छोड़कर पूरी तरह से एकदिवसीय क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित कर लिया था।

आज के आधुनिक क्रिकेट में फिटनेस, शॉट्स, विकेटों के बीच दौड़ आदि को लेकर जो तौर-तरीके देखने को मिलते हैं, वह जोंटी रोड्स ने बहुत पहले ही शुरू कर दिए थे। उस जमाने में जोंटी रोड्स ने विकेटों के बीच दौड़ में सिंगल रन लेने की गुंजाइश में डबल रन लेने के मौके तलाश लिए थे। कोच बॉब वूल्मर के मार्गदर्शन में उन्होंने रिवर्स स्वीप जैसा शॉट भी सीख लिया था। 

जोंटी रोड्स ने क्रिकेट के अलावा भी कई क्षेत्रों में सफलता पाई। दक्षिण अफ्रीका में किसी भी टीम स्पोर्ट्स खिलाड़ी से ज्यादा उनके नाम विज्ञापन हैं। जोंटी अपने परिवार को भी अहमियत देते हैं। उनको ऐसा पहला क्रिकेटर माना जाता है जिन्होंने अपनी बेटी के जन्म पर छुट्टी ली थी। जोंटी रोड्स का भारत के साथ भी गहरा लगाव है। भारत के प्रति उनका प्रेम इस बात से समझा जा सकता है कि उन्होंने अपनी बेटी का नाम इंडिया रखा है। रोड्स आईपीएल में लखनऊ सुपरजायंट्स जैसे टीम के फील्डिंग कोच रहे हैं।

रोड्स ने अपने करियर के दौरान 52 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 35.66 की औसत के साथ, 3 शतक और 17 अर्धशतक समेत 2,532 रन बनाए। इसके अलावा उन्होंने 245 एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले खेले और 2 शतक व 33 अर्धशतकों के साथ, 35.11 के औसत के साथ 5,935 रन बनाए। रोड्स के समय में टी20 अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले नहीं खेले जाते थे। रोड्स ने बतौर फील्डर टेस्ट मैच में 34 कैच और वनडे में 105 कैच लिए। 


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