तालिबान की मदद से भारत के खिलाफ जेहाद
Dec 05, 2024
- मसूद अजहर ने कश्मीर को लेकर बनाया खतरनाक प्लान
इस्लामाबाद । आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर 21 साल बाद सार्वजनिक रूप से सामने आया है। मसूद अजहर ने पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के कैडरों को संबोधित किया है। अपने 66 मिनट के संबोधन के दौरान आतंकी अजहर ने भारत के खिलाफ जमकर जहर उगला है और कश्मीर में भारतीय सेना के खिलाफ जेहाद करने के समर्थन और धन जुटाने पर फोकस किया है। लेकिन मसूद अजहर के संबोधन की खास बात तालिबान को लेकर उसका दिया बयान है, जिसकी खूब चर्चा हो रही है। मसूद अजहर ने अपने भाषण के दौरान तालिबान के साथ अपने करीबी संबंधों पर खूब जोर दिया और इसे अपनी ताकत के रूप में दिखाने की कोशिश की है।
मसूद अजहर ने संबोधन में अफगान तालिबान के प्रमुख नेता सिराजुद्दीन हक्कानी के कथित सपने का जिक्र किया और दावा किया कि हक्कानी ने खुद उन्हें इसे बारे में बताया था। इस दौरान उसने लोगों से जिहाद के लिए उसके संगठन में भर्ती होने की अपील की, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने नारे लगाए। विशेषज्ञों का कहना है कि तालिबान से अपने संबंधों का जिक्र करके मसूद अजहर खुद को पाकिस्तान के चरमपंथी खेमे में खुद को मजबूत करने के लिए कर रहा है। वह खुद को वरिष्ठ अफगान तालिबान नेताओं के एक भरोसेमंद सहयोगी के रूप में पेश कर रहा है। इस बीच हक्कानी ग्रुप की तरफ से इस पर प्रतिक्रिया आई है, जिसमें अजहर के दावे को खारिज कर दिया गया है।