चंद्रयान-3 की लैंडिंग को लेकर इसरो ने दी बड़ी अपडेट, शुरू कर दी गई काउंटडाउन


-मिशन के लैंडर मॉड्यूल ने चंद्रयान-2 ऑर्बिटर के साथ सफलतापूर्वक कम्युनिकेशन बनाया 

नई दिल्ली । हाल ही में इसरो का एक प्रमुख बयान आया है ‎कि चंद्रयान 3 मिशन के लैंडर मॉड्यूल ने चंद्रयान-2 ऑर्बिटर के साथ सफलतापूर्वक कम्युनिकेशन बना ‎लिया है। उसने ताजा तस्वीरें भी चंद्रमा के आसपास से लेकर हमें साझा की है। इस तरह से भारत का मिशन मून चंद्रयान-3 धीरे-धीरे सफलतापूर्वक अपनी मंजिल के करीब पहुंच चुका है। गौरतलब है ‎कि इस समय पूरे भारत के साथ-साथ दुनिया की नजरें चंद्रयान-3 की लैंडिंग पर टिकी हुई हैं, जिसकी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। इसरो ने पुष्टि की है कि चंद्रमा के दक्षिणी छोर पर चंद्रयान-3 का ऐतिहासिक टचडाउन 23 अगस्त को शाम 6:04 बजे होगा। यह लैंडिंग अगर सफल रही, तो भारत इस उपलब्धि को हासिल करने वाला विश्व स्तर पर चौथा देश बन जाएगा। जिसमें अमेरिका, रूस और चीन पहले से शामिल हैं। इसरो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि चंद्रयान-3 की लैंडिंग के संबंध में अपडेट बुधवार को निर्धारित लैंडिंग से सिर्फ दो घंटे पहले बताया जाएगा।


इसरो के अनुसार चंद्रयान-3 मिशन के लैंडर मॉड्यूल ने चंद्रयान-2 ऑर्बिटर के साथ सफलतापूर्वक कम्युनिकेशन स्थापित कर लिया है। साथ ही लैंडर हैज़र्ड डिटेक्शन एंड अवॉइडेंस कैमरा (एलएचडीएसी) द्वारा ली गई चंद्रमा के आसपास की तस्वीरें साझा की गईं। बता दें ‎कि बीते सोमवार को दोपहर तीन बजे के करीब इसरो ने ट्वीट कर जानकारी दी कि चंद्रयान-3 के लैंडर ने चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से सफलतापूर्वक कम्युनिकेशन स्थापित कर लिया। बीते सोमवार को ही इसरो ने एलएचडीएसी कैमरे द्वारा कैप्चर की गई चांद के आसपास की तस्वीरों को भी शेयर किया। साथ ही यह बताया कि ये कैमरे लैंडिंग क्षेत्र पहचानने में मदद करेंगे।

अंतरिक्ष एजेंसी ने अपने नए अपडेट में कहा है कि लैंडिंग कार्यक्रम का लाइव प्रसारण बुधवार शाम 5.20 बजे शुरू होगा। इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात की और उन्हें 23 अगस्त को चंद्रमा पर उतरने के लिए चंद्रयान-3 की स्थिति और तैयारियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया गया कि सभी सिस्टम पूरी तरह से काम कर रहे हैं और बुधवार को किसी भी आकस्मिकता की आशंका नहीं है। एस सोमनाथ ने कहा ‎कि अगले दो दिनों में, चंद्रयान -3 के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जाएगी। लैंडिंग के अंतिम अनुक्रम को दो दिन पहले लोड किया जाएगा और परीक्षण किया जाएगा।

बता दें ‎‎कि विशिष्टताओं के अनुसार, चंद्रयान-3 लैंडर चंद्रयान-2 ऑर्बिटर और इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क (आईडीएसएन) दोनों के साथ संचार करने की क्षमता रखता है। विक्रम लैंडर के साथ 26 किलो का प्रज्ञान रोवर भी है। अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र-इसरो, अहमदाबाद के निदेशक नीलेश एम. देसाई ने कहा कि चंद्रमा पर लैंडिंग के भाग्य का फैसला बुधवार को आधिकारिक टचडाउन से दो घंटे पहले किया जाएगा। तब इस पर निर्णय लेंगे ‎कि लैंडर मॉड्यूल के स्वास्थ्य और चंद्रमा पर स्थितियों के आधार पर लैंडिंग के साथ आगे बढ़ना उचित है या नहीं। यदि कोई कारक प्रतिकूल प्रतीत होता है, तो हम मॉड्यूल की लैंडिंग को 27 अगस्त तक के लिए टाल देंगे। 



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