भोजन और पानी के लिए जमा हुए फिलस्तीनियों पर इजरायल ने बरसाए बम

-इजराइल और हमास जंग में मानवता हो रही शर्मशार 

यरुशलम। इजरायल और हमास के बीच चल रही जंग में मानवता का नामों निशान मिट गया है। इसकी बानगी उस समय देखी गई जब गाजा में भोजन और पानी के लिए जुटी भीड़ पर इजरायली सेना ने बम बरसा दिए। इससे आठ फलस्तीनी मारे गए हैं। इस बीच मिस्त्र सीमा पर स्थित रफाह में इजरायली टैंक अब शहर के अंदर तक पहुंच गए हैं। वहां पर बीते डेढ़ महीने से इजरायली सेना और फलस्तीनी लड़ाकों के बीच भीषण लड़ाई चल रही है। कई लोगों के मारे जाने की सूचना है। ट्रेनिंग कॉलेज से राहत सामग्री का वितरण संयुक्त राष्ट्र की फलस्तीनी शरणार्थी एजेंसी कर रही है। रविवार को वहां पर बड़ी संख्या फलस्तीनी खाद्य सामग्री, पानी और अन्य वस्तुएं लेने के लिए पहुंचे थे। उसी समय वहां पर इजरायली सेना का ड्रोन हमला हुआ। हमले में राहत सामग्री लेने आए आठ फलस्तीनी मारे गए और नजदीक स्थित एक मकान ध्वस्त हो गया। शांति काल में यह ट्रेनिंग कॉलेज संयुक्त राष्ट्र द्वारा चलाया जाता था।

गाजा में एजेंसी की निदेशक जूलिएट टौमा ने कहा है कि अक्टूबर 2023 से जारी इजरायली हमलों में अभी तक गाजा में संयुक्त राष्ट्र के 190 भवनों को निशाना बनाया जा चुका है और 193 कर्मी मारे जा चुके हैं। इजरायल के एक अन्य हवाई हमले में मध्य गाजा के नुसीरत में दो लोग मारे गए हैं। गाजा में अभी तक कुल 37,600 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बार फिर दावा किया है कि अमेरिका उनके देश को हथियार व गोला-बारूद की आपूर्ति रोक रहा है। अमेरिका द्वारा इस तरह के पूर्व में लगाए आरोप को नकारने के बाद नेतन्याहू का इस आशय का बयान दोबारा आया है। इराक के शिया सशस्त्र संगठन इस्लामिक रजिस्टेंस ने यमन के हाउती विद्रोहियों के साथ मिलकर इजरायल के हाइफा बंदरगाह और भूमध्य सागर में लंगर डाले कई मालवाहक जहाजों पर हमले का दावा किया है। दोनों संगठनों ने चार जहाजों पर दो बार में ड्रोन हमले किए। 


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