रजिस्ट्रार ऑफिस में फैली अनियमितताएं, सांठगांठ से दलाल सक्रिय
Jan 25, 2023
रजिस्ट्रार ऑफिस में नहीं है बैठने की व्यवस्था, लगी रहती है भीड़
भोपाल में रोजाना करीब 350 रजिस्ट्री की हो रही खरीद-फरोख्त
भोपाल। भारत में प्रॉपर्टी क्रय-विक्रय करना एक जटिल कार्य है, लेकिन कुछ वर्षों से भोपाल में यह काम ओर भी ज्यादा जटिल हो गया था, जिसका मुख्य कारण था कि सर्वर ठप का बहाना लेकर बाबू चाय की चुस्कियां लेने चले जाते थे, जिससे इस समस्या से निजात पाने के लिए मप्र के मुख्यमंत्री साफ्टवेयर को अपडेट कराकर घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को चालू करने की सुविधा आमजन को मुहैया कराएंगे। जिससे आमजन को रजिस्ट्रार ऑफिस के चक्कर नहीं काटना पड़ेगा व घर बैठे ही ऑनलाइन के माध्यम से अपनी संपत्ति का क्रय, विक्रय कर सकेंगे।
भोपाल में रजिस्ट्रार ऑफिस में रोजाना अधिक संख्या में लोग प्रॉपर्टी की खरीददारी करने आते हैं, जिनके साथ उनके परिवार या गवाही के तौर पर परिचित के लोग आते हैं, ऐसे में रजिस्ट्रार ऑफिस में प्रॉपटी की खरीददारी करने आने वाले आमजन को सुविधाओं के अभाव में खुद को घंटों खड़े रहकर अपने नंबर आने की प्रतिक्षा करनी पड़ती है। कभी-कभी तो स्लॉट बुक होने व नंबर आने के बावजूद लोग अपने नंबर से चूंक जाते हैं। ऐसे में लोगों को निराश होकर दो-तीन दिन रजिस्ट्रार ऑफिस के चक्कर काटने पड़ते हैं। ऐसे में भी भोपाल में रोजाना करीब 350 रजिस्ट्री की खरीद-फरोख्त होती है।
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बैठने की नहीं है व्यवस्था
रजिस्ट्रार ऑफिस मंे रोजाना आने वाले लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, वह अपने परिचितों के साथ जब रजिस्ट्रार ऑफिस में आते हैं तो वह स्वयं व साथीगण घंटों तक खड़े रहने को विवश नजर आते हैं, क्योंकि रजिस्ट्रार ऑफिस में आमजनों की बैठने की व्यवस्था नहीं है, जिस कारण कई बार वृद्धजनों व साथ आए बच्चों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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लाखों में होती है खरीददारी
रजिस्ट्रार ऑफिस में आने वाले खरीददारों को यदि पूंजिपति के रूप में देखा जाए तो रोजाना लाखों रूपयों की रजिस्ट्री होती है, जिसमें कई बार कुछ लोग अपनी सांठगांठ बैठाकर अपना इजाफा कर लेते हैं, जिसमें कभी-कभी कुछ लोग अपने स्लॉट नंबर से वंचित रह जाते हैं व दो तीन दिन उन्हें रजिस्ट्रार के चक्कर काटने पड़ते हैं, और दलाल सक्रिय बने रहकर अपना इजाफा करते रहते हैं।
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रोजाना लग रही भीड़
रजिस्ट्रार ऑफिस में बैठने व पीने के पानी की समस्या तो आम है ही, लेकिन वहां जो रोजना भीड़ जमा हो जाती है, जिससे कई बार बीमारियों के आने का अदंेशा लगा रहता है, और ऐसे जब कोरोना जैसे वैश्विक महामारी से लोगों ने जंग लड़ी है वहीं रजिस्ट्रार ऑफिस में लग रही भीड़ में वृद्धजनों, बच्चों व कभी-कभी तो मरीजों को भी हस्ताक्षर करने के उद्देश्य से वहां उपस्थित होना पड़ जाता है, ऐसे में बैठने की उचित व्यवस्था, जगह न होने से वह अपने आप को भीड़ के जंजाल में फंसा हुआ महसूस करते हैं।
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अधिकारियों पर निर्भरता होगी कम
मप्र के मुख्यमंत्री जल्द की ऑनलाइन प्रक्रिया को सक्रिय करने पर विचार-विमर्श है, जिससे अधिकारियों पर निर्भरता कम हो सके और आमजन अपने घर बैठे बिना किसी समस्या के अपनी प्रॉपटी की खरीददारी, विक्री उचित सुविधा के माध्यम से कर सकें, जिसमें स्वतः मूल्य निर्धारित किया जायेगा, व किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी।
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उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जिसकी सहायता से आपका स्मार्ट फोन फिंगरप्रिंट डिवाइस बन जाता है और आपको रजिस्ट्रार ऑफिस के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं रहती है और न ही दलालों के दरवाजे पर दस्तख देने की आवश्यकता रहेगी।