सीजफायर के लिए ईरान तो मान गया पर इजरायल की खामोशी में छिपे हैं राज?

वॉशिंगटन। सीजफायल के लिए ईरान तो तैयार हो गया लेकिन इजरायल की खामोशी के मायने निकाले जा रहे हैं। कोई कहता है इजरायल अलग रणनीति पर काम कर रहा है तो कुछ जानकारों का मानना है कि सब कुछ इतना आसान नहीं है, इसमे कुछ राज भी हो सकते हैं।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर के दावों को पहले मानने से इनकार करने के बाद अब ईरान ने इजरायल संग जंग रोकने के लिए समझौते को मंजूरी दे दी है। ईरान के विदेश मंत्री ने इसकी पुष्टि की है। इससे पहले ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने किसी भी समझौते पर सहमति बनने से इनकार किया था। कुछ मिनटों बाद ही अराघची ने कहा है कि इजरायल के साथ युद्धविराम लागू हो गया है।

इससे पहले ईरान ने ट्रंप के सीजफायर के दावों को खारिज कर दिया था। ईरानी विदेश मंत्री ने एक पोस्ट में लिखा था कि इजरायल संग सीजफायर या सैन्य कार्रवाइयों को रोकने के लिए किसी समझौते पर सहमति नहीं बनी है। उन्होंने यह भी कहा था कि मौजूदा जंग में सीजफायर पर अंतिम निर्णय बाद में लिया जाएगा। वहीं इजरायल ने सीजफायर को लेकर अब तक कोई टिप्पणी नहीं है। इजरायल ने ट्रंप ने दावों पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से भी इनकार कर दिया। जानकारी के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर सीजफायर समझौता तय किया। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष विराम की घोषणा की थी।

ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच 12 दिनों से जारी इस संघर्ष को रोकने की जरूरत है। अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक यह समझौता चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। सीजफायर की घोषणा करते हुए ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सेना को बधाई दी। उन्होंने लिखा कि उनकी सेना बहादुरी से लड़ी। अराघची ने लिखा, “इजरायल के खिलाफ हमारी सेना का अभियान सुबह 4 बजे तक जारी रहा। मैं सभी ईरानियों के साथ मिलकर अपनी सेना को धन्यवाद देता हूं, जो अपने खून की आखिरी बूंद तक हमारे देश की रक्षा के लिए लड़े और जिन्होंने दुश्मन के किसी भी हमले का आखिरी मिनट तक जवाब दिया।


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