सुपरकंप्यूटिंग और क्वांटम हब बनाने भारत सरकार लगाएगी 10 हजार करोड़ रुपये
Jan 17, 2024
नई दिल्ली । भारत सरकार प्राइवेट सेक्टर के सहयोग से सुपरकंप्यूटिंग और क्वांटम कंप्यूटिंग हब बनाने जा रही है। इसके निर्माण के लिए 10,000 करोड़ रुपये तक खर्च करने की योजना तैयार हो रही है। मीडिया में आई खबर के अनुसार 18 और 19 जनवरी को ग्लोबल एआई समिट में सरकार शक्तिशाली कंप्यूटरों के लिए हब बनाने पर बात करेगी। ये हब स्टार्टअप्स और कंपनियों को पट्टे पर या कंप्यूटर-एज-ए-सर्विस मॉडल द्वारा कंप्यूटर का उपयोग करने देंगे। क्वांटम कंप्यूटिंग हब हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन और सरकारी रिसर्च केंद्रों में शुरू होंगे और इन्हें पूरी तरह विकसित होने में लगभग 10 साल लग सकते हैं।
गौरतलब है कि अप्रैल 2023 में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने क्वांटम टेक्नॉलजी में रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ाने के लिए 2023-24 से 2030-31 तक 6,003.65 करोड़ रुपये आवंटित करते हुए राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को मंजूरी दे दी है। हालांकि 2020 के बजट में घोषित इस कार्यक्रम में लगभग दो साल की देरी हुई। एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, क्वांटम टेक्नॉलजी से संबंधित लगभग 100 सरकार समर्थित परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति पर हैं।
बताया जा रहा है कि इन टेक्नॉलजी के उपयोग से 2030 तक भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। एनक्यूएम के एक भाग के रूप में, सरकार क्वांटम कंप्यूटिंग और मटेरियल जैसी चीजों के लिए चार हब (टी-हब) बनाना चाहती है। वे एआई और नई तकनीकों वाली भारतीय कंपनियों की मदद के लिए 25,000 जीपीयू का एक समूह बनाने के बारे में भी सोच रहे हैं। आगामी घोषणा में एआई पर 7 वर्किंग ग्रुप के विचारों को मंजूरी देने की संभावना है। इन विचारों में डेटा प्रबंधन, एक राष्ट्रीय एआई केंद्र बनाना, कौशल-निर्माण पहल और जिम्मेदारी से एक राष्ट्रीय एआई रणनीति को लागू करना भी शामिल हैं।