भारत में विमानन कंपनियों पर सुरक्षा से ज्यादा प्रचार खर्च करने का आरोप: सर्वेक्षण

Jul 22, 2025

- सर्वेक्षण में देश के 322 जिलों से लगभग 44,000 लोगों ने भाग लिया

मुंबई । लोकल सर्किल्स द्वारा किए गए अखिल भारतीय ऑनलाइन सर्वेक्षण में करीब 76 प्रतिशत यात्रियों ने माना है कि भारत की कई विमानन कंपनियां यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की तुलना में प्रचार-प्रसार पर अधिक खर्च कर रही हैं। सर्वेक्षण में देश के 322 जिलों से लगभग 44,000 लोगों ने भाग लिया, जिनमें 63 प्रतिशत पुरुष और 37 प्रतिशत महिलाएं शामिल थीं। सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि पिछले तीन वर्षों में 64 प्रतिशत यात्रियों ने उड़ान के दौरान किसी न किसी प्रकार की कठिनाई का सामना किया है। इनमें उड़ान भरते या उतरते समय जटिल परिस्थितियां और तकनीकी समस्याएं शामिल हैं।

हाल के दिनों में एयर इंडिया की बोइंग 787-8 विमान की अहमदाबाद से लंदन की उड़ान के तुरंत बाद दुर्घटना, जिसमें 241 यात्रियों सहित कुल 260 लोगों की मौत हुई, ने देश में विमान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा, कोच्चि-मुंबई उड़ान का रनवे से बाहर निकलना, दिल्ली-कोलकाता उड़ान का तकनीकी खराबी के कारण रद्द होना, गोवा से इंडिगो की उड़ान में लैंडिंग गियर की समस्या, तथा स्पाइसजेट की उड़ान में खिड़की का फ्रेम टूटना जैसी घटनाओं ने यात्रियों में भय और असुरक्षा की भावना को बढ़ावा दिया है। सर्वेक्षण में सुरक्षा और प्रचार खर्च के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर 43 प्रतिशत ने माना कि सभी विमानन कंपनियां प्रचार पर अधिक खर्च करती हैं, जबकि 33 प्रतिशत ने कहा कि कुछ कंपनियां ऐसा करती हैं। केवल 11 प्रतिशत ने कहा कि कोई भी ऐसा नहीं करता। 


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