ओलंपिक में भारत को भाला फेंक, मुक्केबाजी और बैडमिंटन में अधिक पदकों की उम्मीद रहेगी

नई दिल्ली । भारत को 27 जुलाई से शुरु हो रहे पेरिस ओलंपिक में पिछले बार से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। पिछले बार हुए टोक्यो ओलंपिक में भारत को एक स्वर्ण सहित कुल सात पदक मिले थे जबकि इस बार भारत को अधिक पदकों की उम्मीद रहेगी। इस बार भारतीय दल में 100 से अधिक खिलाड़ी शामिल हैं। भारत को मुक्केबाज , जैवलिन थ्रो, भारोत्तोलन  और बैडमिंटन व हॉकी में पदक जीतने की उम्मीद है। इससे पहले टोक्यो में भारत के नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीता था। इस बार भी उनका लक्ष्य स्वर्ण जीतना रहेगा। वहीं भारोत्तोलन में महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में मीराबाई चानू पदक की दावेदारी पेश करेंगी। उन्होंने टोक्यो में रजत पदक जीता था। ऐसे में अब उनसे स्वर्ण की उम्मीद है। महिला बैडमिंटन स्टार पी.वी. सिंधु ने ओलंपिक में रजत और कांस्य पदक जीता है। इस बार उनका लक्ष्य स्वर्ण जीतना रहेगा। बैडमिंटन में एच.एस. प्रणय, लक्ष्य सेन समेत कई अन्य स्टार खिलाड़ी भी दल में शामिल हैं। ऐसे में भारत को बैडमिंटन में भी दो-तीन पदक की उम्मीद है।

वहीं मुक्केबाजी की बात करें तो इसमें भारत का प्रदर्शन हमेशा अच्छा रहा है। इस बार भारतीय दल से कम से कम दो-तीन पदकों की उम्मीद है। अनुभवी निखत जरीन, लवलीना बोरगोहेन सहित अमित पंघाल जैसे मुक्केबाज जीत के इरादे उतरेंगे। इसके अलावा मनु भाकर भी बेहतर प्रदर्शन का प्रयास करेंगी। भाकर एकमात्र ऐसी एथलीट हैं जो एक से अधिक व्यक्तिगत स्पर्धाओं, महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल और महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल में भाग ले रही हैं और कई पदकों के लिए प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हैं। 2020 टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीता था। इस बार उसका लक्ष्य पदक के रंग को बदलना रहेगा। 


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