डेटा सुरक्षा और नवाचार के लिए भारत को स्वदेशी यूपीआई एप की जरूरत: एसबीआई

Aug 18, 2025

नई दिल्ली । भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के यूपीआई भुगतान क्षेत्र में फिलहाल कुछ बड़े तीसरे पक्ष एप्लिकेशन का प्रभुत्व है, जिनमें फोनपे, गूगल पे और पेटीएम शीर्ष स्थान पर हैं। जूलाई 2025 के आंकड़ों के अनुसार, फोनपे ने 8931 मिलियन लेनदेन और 12,20,141 करोड़ रुपये के मूल्य के लेनदेन किए हैं। इसके बाद गूगल पे ने 692.3 करोड़ लेनदेन और 8,91,297 करोड़ रुपये के लेनदेन किए, जबकि पेटीएम ने 136.6 करोड़ लेनदेन और 1,43,651 करोड़ रुपये के लेनदेन दर्ज किए।

एसबीआई रिपोर्ट में बताया गया है कि इन प्रमुख प्लेटफार्मों पर विदेशी स्वामित्व या प्रभाव मौजूद है, जिससे यूपीआई डेटा कुछ बड़े खिलाड़ियों के पास केंद्रित हो गया है। इस स्थिति में देश के वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए यह जरूरी है कि एक घरेलू, काउंटर इंट्यूटिव यूपीआई ऐप विकसित किया जाए, जो न केवल लेनदेन डेटा की सुरक्षा को सुनिश्चित करे, बल्कि फिनटेक नवाचार को भी भारत की जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुरूप बनाए। रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि घरेलू यूपीआई ऐप की मौजूदगी से भारत को विदेशी प्रभाव से मुक्त होकर वित्तीय डेटा पर अधिक नियंत्रण मिलेगा। इससे देश की डिजिटल भुगतान प्रणाली की मजबूती के साथ-साथ वित्तीय स्वायत्तता भी बढ़ेगी। इसके अलावा, यह कदम भारतीय स्टार्टअप्स और फिनटेक कंपनियों को भी प्रोत्साहन देगा और नवाचार को बढ़ावा देगा।



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