बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में बढ़े रोजगार के अवसर
Aug 22, 2025
- मिलेंगी 2.5 लाख नई नौकरियां
नई दिल्ली । एक रिपोर्ट के मुताबिक बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर इस वित्त वर्ष में 8.7 फीसदी और 2030 तक लगभग 10 फीसदी की दर से बढ़ेगा। इस वृद्धि से लगभग 2.5 लाख स्थायी नौकरियों के सृजन की उम्मीद है। खास बात यह है कि हायरिंग केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी तेजी से भर्ती होगी। 2025 की पहली छमाही में इस सेक्टर में हायरिंग पिछले साल की तुलना में 27 फीसदी बढ़ी है। सबसे अधिक मांग फ्रंटलाइन, डिजिटल और कम्प्लायंस से जुड़ी नौकरियों में देखी जा रही है। मिडिल और सीनियर लेवल पर ईएसजी स्ट्रैटेजी, डिजिटल वेल्थ मैनेजमेंट और एआईएफ या पीएमएस कम्प्लायंस जैसे नए क्षेत्रों में 30 फीसदी तक हायरिंग बढ़ी है। पब्लिक और प्राइवेट बैंक अपने कोर सिस्टम्स को मॉडर्न बनाने, क्लाउड बेस्ड टेक्नोलॉजी और डिजिटल ऐप्स के लिए टैलेंटेड टीम बना रहे हैं।]
एमएसएमई और ग्रामीण इलाकों में लोन की बढ़ती मांग ने अंडरराइटिंग, कलेक्शन और रेगुलेटरी कम्प्लायंस से जुड़े जॉब्स को बढ़ावा दिया है। म्यूचुअल फंड, ब्रोकरेज और फिनटेक कंपनियां अपने नेटवर्क और टेक टीम्स को मजबूत कर रही हैं। साथ ही, रेगुलेटरी और साइबर रिस्क्स के कारण कम्प्लायंस और फ्रॉड डिटेक्शन एक्सपर्ट्स की मांग भी लगातार बढ़ रही है। इंश्योरेंस इंडस्ट्री में डिजिटल अंडरराइटर्स, एआई क्लेम स्पेशलिस्ट्स और फ्रॉड एनालिस्ट्स की नौकरी में 6-9 फीसदी तक की ग्रोथ दर्ज की गई है। आने वाले वर्षों में हर साल 5-7 फीसदी नई भर्ती होने की उम्मीद है। बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में करियर के लिए यह सुनहरा मौका है।