पराली जलाना बंद नहीं हुआ तो ऐसा बुलडोजर चलेगा कि 15 दिनों तक नहीं रुकेगा
Nov 07, 2023
-प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिखाया सख्त रुख
-पंजाब व दिल्ली सरकारों की दलीलों को लेकर दिया अल्टीमेटम
नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने पराली जलाने वालों के खिलाफ बुलडोजर चलाने का अल्टीमेटम दे दिया है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए सख्त हिदायत दी है कि यदि पराली जलाने को लेकर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाए तो फिर ऐसा बुलडोजर चलेगा कि कोई रोक नहीं पाएगा।
जानकारी अनुसार दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण और पराली जलाने के मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट आज काफी सख्त नजर आया। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने न केवल पंजाब सरकार को फटकार लगाई, बल्कि प्रदूषण और पराली की समस्या से निपटने के लिए सभी पक्षों को दिवाली से पहले बैठक करने का भी अल्टीमेटम दिया। प्रदूषण और पराली पर दिल्ली सरकार और पंजाब सरकार की दलीलों से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की। जस्टिस संजय किशन कौल ने कहा कि अगर मैं बुलडोजर चलाऊंगा तो अगले 15 दिनों तक नहीं रुकूंगा। हम चाहते हैं कि दिवाली की छुट्टियों से पहले सभी पक्ष मिलकर एक बैठक करें। हम इस समस्या का तत्काल समाधान चाहते हैं।
गौरतलब है कि पराली जलाए जाने की घटना और प्रदूषण पर पंजाब सरकार ने कहा कि हम इसे कम करने पर काम कर रहे हैं, वहीं दिल्ली सरकार ने भी ऐसा ही जवाब दिया था। इसी दलील से नाराज होकर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय किशन कौल ने बुलडोजर चलाने वाली टिप्पणी की। हालांकि, इस दौरान वह मुस्कुराते हुए भी नजर आए। जस्टिस कौल ने दिल्ली सरकार से कहा कि अगर कुछ समस्या है तो उसपर आपको ध्यान देना होगा। इसके बाद याचिकाकर्ता के वकील विकास सिंह ने कहा कि खेतों में लगने वाली ये आग दिल्ली में पर्यावरण का संतुलन बिगाड़ देती है। इस पर जस्टिस कौल ने पंजाब सरकार से कहा कि आपको ये आग रोकनी होगी। स्थानीय एसएचओ को इसकी जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। आज से ही इस समस्या पर काम करना शुरू करना चाहिए।
स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली के लोग साल दर साल इस समयावधि में प्रदूषण की समस्या से जूझते हैं, और इससे तत्काल निपटने की जरूरत है। कोर्ट ने कहा कि फसल के लिए वैकल्पिक व्यवस्था मुहैया करायी जानी चाहिए। ताकि किसान पराली नहीं जलाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पंजाब में धान की फसल को फेज वाइज बाहर किया जाए। केंद्र सरकार इसमें वैकल्पिक फसल के लिए मदद करे। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि दिल्ली के सीएम ने कहा है कि एक सॉल्यूशन विकसित किया गया है, जिसके छिडकाव से पराली खाद में बदल जाती है। लेकिन पंजाब सरकार इसका उपयोग नहीं कर रही है।