मैं नीरज की मां का शुक्रगुजार हूं, वह मेरी भी मां हैं हम अगल नहीं हैं

पाकिस्तानी एथलीट अरशद नदीम के जवाब ने लोगों का छू लिया दिल 

नई दिल्ली,। अरशद नदीम वो नाम जो आज पूरी दुनिया में लिया जा रहा है वजह है अरशद ने भाला फेंक में पेरिस ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने के साथ लोगों को दिल भी जीत लिया है। अरशद नदीम और नीरज चोपड़ा की दोस्ती खेल जगत की दुनिया में मशहूर है। जब ये दोनों एथलीट फील्ड पर होते हैं तो एक दूसरे के प्रतिद्वंदी होते हैं, लेकिन मैदान के बाहर यह बहुत पक्के दोस्त हैं। जब पेरिस ओलंपिक में अरशद ने गोल्ड और नीरज ने सिल्वर मेडल जीता था तो नीरज की मां सरोज देवी ने अरशद को अपने बेटे जैसा बताया था। वहीं अरशद की मां ने भी कहा था कि उन्होंने नीरज की जीत के लिए अल्लाह से दुआ की थी। इन दोनों एथलीटस की मां के बयानों की भारत ही नहीं पाकिस्तान में भी खूब तारीफ हुई थी।

अब अरशद नदीम ने अपने दोस्त नीरज की मां के बयान पर जो कहा वह दिल छू लेने वाला है। अरशद ने कि मां सबके लिए दुआ करती है और वह उनका शुक्रगुजार है। गोल्ड मेडल जीतकर पाकिस्तान पहुंचे अरशद नदीम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि देखा जाए तो मां तो सबकी होती है, मां सबके लिए दुआ करती है…मैं नीरज चोपड़ा की मां का शुक्रगुजार हूं, वह भी मेरी मां हैं। उन्होंने हमारे लिए दुआ की और पूरे वर्ल्ड में साउथ एशिया के हम दो ही प्लेयर थे जिन्होंने ओलंपिक में बेहतरीन परफॉर्म किया। हम अलग नहीं हैं।

ऐसा नहीं है कि अरशद नदीम के लिए ही भारत से ये पैगाम गया हो, पाकिस्तान से भी अरशद की मां ने नीरज के लिए खास ही कहा था। नदीम की मां रजिया परवीन ने भी नीरज के लिए अपना प्यार जताते हुए उसे अरशद का भाई बताया था।

बता दें, अरशद नदीम ने ओलंपिक रिकॉर्ड तोड़ते हुए पाकिस्तान के लिए गोल्ड मेडल जीता है। उन्होंने अपने दूसरे थ्रो में 92.97 मीटर की दूरी तय की थी। उन्होंने फाइनल में एक नहीं बल्कि दो बार 90 मीटर का मार्क पार किया था। अपना आखिरी थ्रो नदीम ने 91.79 मीटर दूर फेंका था। नदीम इसके साथ 32 साल बाद पाकिस्तान के लिए गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब रहे। वहीं 89.45 मीटर के थ्रो के साथ नीरज चोपड़ा दूसरे स्थान पर रहे उन्होंने सिल्वर मेडल जीता है।


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