अवैध नियुक्तियों पर हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय पर 5 लाख का जुर्माना

Aug 14, 2025

157 सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति अवैध

जिम्मेदार अधिकारियों से होगी वसूली

भोपाल । मध्य प्रदेश का एकमात्र केंद्रीय हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय पर हाई कोर्ट द्वारा ₹500000 का जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना 2013 में 82 पदों पर 157 सहायक प्रोफेसर की अवैध रूप से की गई नियुक्तियों पर लगाया गया है।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एकल पीठ के जज विवेक जैन ने इसे गंभीर अनिमियता माना है। हाई कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा है, अवैध रूप से की गई नियुक्तियां अभ्यर्थियों के साथ धोखा है। विश्वविद्यालय द्वारा बिना उचित विज्ञापन, यूजीसी के नियम का पालन नहीं करने तथा अपात्र लोगों की नियुक्ति करने पर यह जुर्माना करते हुए नियुक्तियों को अवैध घोषित किया है।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है, जुरमाने की राशि केंद्रीय विश्वविद्यालय के उन व्यक्तियों से वसूल की जाए। जिनके द्वारा यह अवैध नियुक्तियां की गई हैं। हाईकोर्ट के इस निर्णय से हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया है। हाई कोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन को तगड़ी फटकार लगाते हुए तीन माह के अंदर वैधानिक तरीके से नियुक्ति करने का निर्देश विश्वविद्यालय को दिये है। तीन माह के पश्चात यह सभी 157 अवैध नियुक्तियां समाप्त हो जाएंगी।



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