रेडक्रास भवन को आरएसएस के अनुसांगिक संगठन सेवा भारती को सौंपा जाना नियमविरूद्व: जीतू पटवारी

Feb 12, 2025

प्रदेश की जनता पर भाजपा की विचारधारा थोपने का नया कुत्सित और अमानवीय प्रयास: जीतू पटवारी

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भारतीय रेडक्रास सोसाइटी, मध्य प्रदेश राज्य शाखा द्वारा इतवारा रोड स्थित रेडक्रास भवन को सेवा भारती को सौंपे जाने के निर्णय पर आपत्ति जाहिर करते हुये है कि कांग्रेस सरकारों में शुरू की गई संवैधानिक संस्थाओं और देश के संस्थागत ढांचे को भारतीय जनता पार्टी हमेशा से ही हड़पने का काम करती रही है। इसका ताजा उदाहरण राजधानी भोपाल के इतवारा रोड़ रेडक्रास भवन को नियमविरूद्व तरीके से आरएसएस के अनुसांगिक संगठन सेवा भारती को सौंपा जाना है।

पटवारी ने कहा कि यह भवन कांग्रेस सरकार के दौरान रेडक्रास सोसायटी को दिया गया था, जो मूलतः सरकार की संपत्ति है और किसी राजनैतिक संगठन को इसे दिया जाना नियमों के विरूद्व है। उन्होंने कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री मुकेश नायक द्वारा राजधानी भोपाल में रेडक्रास अस्पताल का शुभारंभ एक डाक्टर के साथ कराया गया था जब श्री नायक ने इस संस्था को छोड़ा तक उसमें 70 डाक्टर कार्यरत थे और राजधानी के अधिकांश मरीज इस संस्था में अपना इलाज सुलभ और सस्ती दरों पर कराने के लिए आते थे। इतना ही नहीं श्री नायक के कार्यकाल में दूसरा अस्पताल सिद्धांता रेडक्रास नाम से बना जो मप्र का नंबर वन अस्पताल के रूप में विख्यात है।

श्री पटवारी ने कहा कि जब श्री नायक ने इन दोनों संस्थाओं को छोड़ा तक संस्था के नाम से 8 करोड़ की एफडी कराकर गये थे और उनके जाते ही अब वर्तमान में जो इस संस्था को संचालित कर रहे हैं उनके द्वारा एफडी को तोड़ दिया गया और अब मात्र कुछ लाख रूपये ही संस्था के बैंक में बचे हुये हैं। इसी एफडी की राशि से संस्था के सचिव ने अपनी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए संस्था की राशि से एक नई इनोवा कर भी खरीद ली है।

श्री पटवारी ने कहा कि मानवीय सेवा और आपदा नियंत्रण के लिए बनी इस रेडक्रास संस्था पर आरएसएस ने कब्जा जमा लिया है और इस संस्था का उपयोग अपने निजी स्वार्थों और सुविधाओं के लिए किया जा रहा है जो अमर्यादित और नियम विरूद्व है। इतना ही नहीं श्री नायक द्वारा पूर्व में सभी सुविधाओं से सुसज्जित किये गये रेडक्रास में अब सोनोग्राफी, डायलिसिस, इनडोस्कापी, हार्ट का ईको जैसी सुविधाएं बंद कर दी गई है और टीएनटी टेस्ट भी बंद कर दिये गये हैं। दुर्भाग्यजनक है कि रेडक्रास द्वारा संचालित दवाईयों की दुकान संस्था के सचिव स्वयं चला रहे हैं।

श्री पटवारी ने कहा कि रेडक्रास संस्था ने सेंट्रल इंडिया का सबसे अच्छा ब्लड बैंक बनाया था, जहां मरीजों के लिए ब्लड आसानी से उपलब्ध हो जाता था, लेकिन अब इस ब्लड बैंक को बाजार का हिस्सा बना दिया गया है जो मरीजों के साथ खिलवाड़ है।

रेडक्रास एक अंतरराष्ट्रीय और गैर-राजनीतिक संगठन है, जिसका उद्देश्य तटस्थ और निष्पक्ष रूप से मानव सेवा करना है। भवन को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठन सेवा भारती को सौंपना, जनहित के नाम पर सरकारी संस्थाओं का दुरुपयोग करने का जीवंत उदाहरण है। जनहितैषी संस्थाओं को राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। यह फैसला प्रदेश के नागरिकों के लिए बेहद चिंता का विषय है।

श्री पटवारी ने सवाल किया कि खाली पड़े इस भवन का उपयोग करने के लिए किसी गैर-राजनीतिक संगठनों को क्यों नहीं चुना गया, क्या यह निर्णय सरकारी दबाव में लिया गया है। उन्होंने कहा कि रेडक्रास भवन को सेवा भारती को दिये जाने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और भवन का उपयोग वास्तव में तटस्थ और निष्पक्ष जनहितैषी संगठनों के लिए किया जाये। यह भवन सभी समुदायों के लिए समान रूप से उपयोगी होना चाहिए, न कि किसी विशेष विचारधारा का प्रचार करने का माध्यम बनना चाहिए।

श्री पटवारी ने कहा कि सरकार का यह निर्णय समाजसेवा के नाम पर एक खास विचारधारा और एजेंडे को बढ़ावा देने का कुत्सित प्रयास है। आरएसएस सरसंघचालक को पत्र लिखकर रेडक्रास को आरएसएस के अनुसांगिक संगठन सेवा भारती को सौंपे जाने और रेडक्रास जैसी संस्था में किये जा रहे निर्लज्जतापूर्वक भ्रष्टाचार से अवगत कराया जायेगा।


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