नई दिल्ली में 76वें गणतंत्र दिवस पर विरासत और विकास’ की थीम पर आधारित गुजरात की झांकी बनी आकर्षण का केन्द्र

Jan 27, 2025

अहमदाबाद | 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर ‘स्वर्णिम भारत : विरासत और विकास’ की थीम पर आधारित गुजरात की झांकी ‘गुजरात : आनर्तपुर से एकता नगर तक - विरासत से विकास का अद्भुत संगम’ ने उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस झांकी के साथ ‘मणियारा रास’ की ताल पर झूमते कलाकारों ने भी हर किसी को रोमांचित कर दिया। उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर विभिन्न राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों की कुल 31 झांकियां प्रदर्शित की गईं। इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। ‘स्वर्णिम भारत : विरासत और विकास’ शीर्षक के अंतर्गत गुजरात की ओर से प्रस्तुत की गई झांकी ने सही मायनों में न केवल राज्य, बल्कि राष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर और विकास के अभूतपूर्व संमिश्रण को अत्यंत प्रभावशाली तरीके से साकार किया।

गुजरात की झांकी में 12वीं सदी के वडनगर यानी आनर्तपुर के सोलंकी कालीन ‘कीर्ति तोरण’ से लेकर 21वीं सदी का अजूबा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ रक्षा, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में राज्य की ‘आत्मनिर्भरता’ को प्रदर्शित करती विभिन्न विकास परियोजनाओं का प्रभावशाली निदर्शन किया गया था। राज्य की झांकी के अगले हिस्से में सोलंकी काल में निर्मित वडनगर स्थित 12वीं सदी का गुजरात का सांस्कृतिक प्रवेशद्वार कहा जाने वाला ‘कीर्ति तोरण’, जबकि अंत में 21वीं सदी की शान, 182 मीटर ऊंची सरदार पटेल की प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ को दर्शाया गया, जो दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। इन दोनों विरासतों के बीच गुजरात में रक्षा, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत गुजरात की विभिन्न परियोजनाओं को दर्शाया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी जी की 100वीं जयंती के प्रतीक के रूप में साबरमती रिवरफ्रंट के दोनों तटों को जोड़ने वाला ‘अटल ब्रिज’, द्वारका और शिवराजपुर बीच में आकार लेने वाले ‘अंडर वाटर स्पोर्ट्स’ की गतिविधियों के साथ मिट्टी और शीशे से बनी कच्छी कलाकृतियों ने इस झांकी को चार चांद लगा दिए। गुजरात की झांकी के अग्रभाग में ‘यूनेस्को’ की हेरिटेज साइट में शामिल आनर्तपुर यानी मौजूदा वडनगर शहर में स्थित 12वीं सदी का सोलंकी कालीन ‘कीर्ति तोरण’ और नीचे के हिस्से में मिट्टी और शीशे से निर्मित कच्छी कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया।

झांकी के मध्य भाग में रक्षा-टेक्नोलॉजी क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परियोजनाओं में से एक, वडोदरा में ‘टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड’ के द्वारा तैयार होने वाले भारतीय वायुसेना के सी-295 एयरक्राफ्ट की यूनिट और उसके नीचे अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट के दोनों तटों को जोड़ने वाला इंजीनियरिंग का खूबसूरत नमूना ‘अटल ब्रिज’, गुजरात में भारी निवेश के साथ सेमीकंडक्टर उत्पादन क्षेत्र की सफलता को दिखाते सेमीकंडक्टर चिप और उससे जुड़े विभिन्न उपकरण और उसके नीचे ऑटोमोबाइल-मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित हो रहे गुजरात के ऑटो और मशीन उद्योग को दर्शाया गया। झांकी के अंतिम हिस्से में भारत के पहले उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के मौके पर उन्हें स्मरणांजलि के रूप में 21वीं सदी की शान और देश भर के किसानों से एकत्रित किए गए लोहे से निर्मित सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ को दर्शाया गया, जो दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। इसके नीचे के हिस्से में जगत मंदिर द्वारका की पवित्र भूमि और शिवराजपुर बीच में आकार लेने वाले ‘अंडर वाटर स्पोर्ट्स’ की गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया। गुजरात की इस झांकी को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए पारंपरिक लेकिन अर्वाचीन दोहे के साथ राज्य के जोशीले मणियारा रास को जीवंत नृत्य के साथ प्रस्तुत किया गया। इस वर्ष गणतंत्र दिवस की परेड में 15 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ-साथ केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों/विभागों की 16 झांकियों समेत कुल 31 झांकियां प्रदर्शित की गईं। 


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