जीई एयरोस्पेस ने एचएएल को सौंपा 99 एफ404-इन20 का इंजन

Mar 27, 2025

-कंपनी के शेयरों में तेजी की उम्मीद, निवेशक लगाए हुए नजरें

नई दिल्ली। जीई एयरोस्पेस ने मंगलवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के लिए 99 एफ404-इन20 इंजनों में से पहला इंजन सौंप दिया है। कंपनी ने इसे एचएएल के साथ चार दशक से जारी यमझौते में एक अहम हिस्सा बताया है। जीई एयरोस्पेस ने कहा कि यह डिलीवरी भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में उसकी प्रतिबद्धता दर्शाती है। इससे कंपनी के शेयरों में तेजी आने की उम्मीद है। एचएएल के शेयरों पर आज भी निवेशकों की नजरें रही।

एफ404 इंजन फैमिली सैन्य विमानन के इतिहास में सबसे सफल इंजनों में से एक मानी जाती है। यह इंजन दुनियाभर में हजारों लड़ाकू विमानों को ताकत देता है। खासतौर पर भारत के तेजस के लिए डिजाइन किया गया एफ404-इन20 इस सीरीज का सबसे ज्यादा थ्रस्ट देने वाला इंजन है। इसमें हाई-फ्लो फैन, एडवांस्ड सिंगल-क्रिस्टल टरबाइन ब्लेड्स और विशेष रूप से तैयार किए गए कंपोनेंट्स शामिल हैं।

जीई एयरोस्पेस और तेजस प्रोग्राम की टीमों ने कई सालों तक मिलकर काम किया ताकि इंजन को भारतीय वायुसेना की जरुरतों के मुताबिक तैयार किया जा सके। कंपनी ने बताया कि एफ404 इंजन ने अपनी क्षमताएं 2008 में उस समय साबित कीं जब तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट ने अपनी पहली परीक्षण उड़ान में विभिन्न मिशन ऊंचाइयों तक सफलतापूर्वक उड़ान भरी और मैक 1.1 की रफ्तार तक पहुंच गया।

जीई एयरोस्पेस ने कहा कि उसे तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट एमके 1ए फाइटर जेट के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) जैसे मूल्यवान ग्राहक को 99 एफ404-इन20 इंजनों में से पहला इंजन सौंपने की खुशी है। यह एचएएल के साथ हमारे 40 साल पुराने रिश्ते और भारत की सैन्य ताकत को मजबूत भविष्य देने के हमारे प्रयासों में एक अहम मील का पत्थर है। हमारा लक्ष्य अगली पीढ़ी के फाइटर जेट्स के विकास के साथ-साथ देश की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को भी बढ़ाना है। जीई एयरोस्पेस का भारत से जुड़ाव 1980 के दशक से है, जब उसने एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के साथ सहयोग किया था। 2004 में एफ404-इन20 इंजन को सिंगल इंजन वाले तेजस फाइटर जेट के लिए चुना गया, जो भारत और जीई एयरोस्पेस दोनों के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ।


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