ई-मेल ने बाबा और उसकी सहयोगी 3 महिलाओं की करतूतों को किया उजागर
Sep 25, 2025
नई दिल्ली। श्री शारदा इंसटीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट से जुड़े स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की करतूतें सामने आ गई हैं। परेशान छात्राओं ने जब यौन उत्पीड़न की शिकायतें तो बाबा एक्सपोस हो गया। दरअसल एक वायू सेना के ग्रुप कमांडर का ई-मेल ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। इसमें बाबा की 3 सहयोगी महिलाओं की भी मिलीभगत सामने आई है। यह सनसनीखेज मामला तब सामने आया जब एक पूर्व छात्रा का पत्र और भारतीय वायुसेना के एक ग्रुप कैप्टन का ईमेल दोनों ही संस्थान को कुछ दिनों के अंदर प्राप्त हुए। इन शिकायतों ने शारदा पीठ और संस्थान की गवर्निंग काउंसिल को चौंका दिया। पूर्व छात्रा की चिट्ठी और ग्रुप कैप्टन के ईमेल ने बाबा और उनके तीन महिला सहयोगियों की साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
खुद को आध्यात्मिक गुरु बताने वाला यह बाबा बड़ा कांडी निकला। एक या दो नहीं, बल्कि दर्जनभर से ज्यादा छात्राओं ने चैतन्यानंद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपी बाबा लंबे समय से छात्राओं के साथ खिलवाड़ कर रहा था। लेकिन कहते हैं न कि हर पापी के पाप का घड़ा एक दिन जरूर फूटता है। चैतन्यानंद के साथ भी कुछ वैसा ही हुआ। काली दुनिया का राज जबसे सामने आया है, बाबा के वीवीआईपी खेल का पर्दाफाश हुआ।शारदा पीठ की एक पूर्व छात्रा (जिसने इसी साल संस्थान से पढ़ाई पूरी की थी) ने 28 जुलाई को संस्थान के प्रशासन को पत्र लिखा। यह पत्र 31 जुलाई को रिसीव हुआ। इसमें छात्रा ने आरोप लगाया कि स्वामी छात्राओं से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न कर रहे हैं। इसके बाद, 1 अगस्त को भारतीय वायुसेना के एक ग्रुप कैप्टन का ईमेल आया।
उन्होंने बताया कि उन्हें भी एयरफोर्स परिवारों की कई छात्राओं से यौन शोषण की शिकायतें मिली हैं। शिकायतों के बाद 3 अगस्त को संस्थान की गवर्निंग काउंसिल ने 30 से ज्यादा छात्राओं के साथ वर्चुअल मीटिंग की। पुलिस अब तक 32 छात्राओं के बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें ज्यादातर छात्राएं गरीब तबके या फिर फौजी परिवारों से ताल्लुक रखती हैं। आरोप है कि चैतन्यानंद और उनकी महिला सहयोगियों ने छात्राओं के एजुकेशन से जुड़े असली सर्टिफिकेट अपने कब्जे में ले लिए। इस वजह से विरोध करने वाली छात्राओं की पढ़ाई और करियर खतरे में पड़ गया।
मार्च 2025 में स्वामी ने नई कार की पूजा के लिए कुछ छात्राओं को ऋषिकेश ले गया था। आरोप है कि वापसी के दौरान उन्होंने लड़कियों पर अश्लील कमेंट किए। लौटने के बाद महिला स्टाफ ने छात्रा को स्वामी के साथ हुए चैट डिलीट करने के लिए मजबूर किया। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि होली के बाद स्वामी ने उसे ऑफिस बुलाया और ‘बेबी’ कहकर संबोधित किया। इसके अलावा मोबाइल से वीडियो बनाकर व्हाट्सएप पर भेजा।
जून 2025 में 35 लड़कियों को एक कमर्शियल यात्रा पर ऋषिकेश ले जाया गया। वहां, स्वामी रात को छात्राओं को बुलाते थे। जब छात्रा ने विरोध किया तो उसे परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया और उसके सारे असली सर्टिफिकेट रख लिए। एफआईआर और छात्राओं के आरोपों के अनुसार, स्वामी चैतन्यानंद ने मठ के कमरे में वीआईपी और वीवीआईपी लोगों के साथ अपनी फर्जी तस्वीरें लगाई थीं। इन फर्जी फोटो का मकसद संस्थान और मठ में अपना रुतबा कायम रखना और छात्राओं व स्टाफ पर दबाव बनाना था। आरोपी बाबा इसके दम पर अपनी ठसक बनाने में कामयाब भी रहा।
फरार बाबा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी
बाबा स्वामी चैतन्यनंद सरस्वती के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है। डिप्टि कमिश्नर ऑफ पुलिस (दक्षिण-पश्चिम) अमित गोयल ने कहा, देश से भागने के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है। पुलिस द्वारा स्वामी के मोबाइल, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल डिवाइस जब्त कर लिए गए हैं। पुलिस यह भी कोशिश कर रही है कि जिन अश्लील चैट्स को उसने छात्राओं से डिलीट करवाया था, उन्हें फॉरेंसिक तरीके से रिकवर किया जाए।
यह पहला मौका नहीं है जब उस पर आरोप लगे हैं। साल 2006, 2009 और 2016 में भी उस पर यौन शोषण और धोखाधड़ी के केस दर्ज हुए थे। स्वामी पर 2009 में दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी थाने में धोखाधड़ी का केस चला था। इसके अलावा, साल 2016 में एक छात्रा ने वसंत कुंज थाने में उसके खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया, लेकिन बाद में वह जमानत पर बाहर आ गया और संस्थान में काम करता रहा। उसके खिलाफ इस साल तीन और नए मामले दर्ज हुए हैं – 17 छात्राओं का यौन उत्पीड़न, फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल और मठ से धोखाधड़ी।