मल्टी लेवल स्मार्ट पार्किंगों में अव्यवस्थाओं का बोलबाला

Dec 28, 2022

10 बार टेंडर जारी होने के बावजूद नहीं बिकी दुकानें

व्यवस्थाओं के नाम पर कर दी गईं रस्म अदायगी

भोपाल। भोपाल में बढ़ते वाहनों व पार्किंग कमी को देखते हुए पिछले कुछ वर्षों में भोपाल में चिन्हित स्थानों पर मल्टी लेवल स्मार्ट पार्किंगों का निर्माण कराया गया था, जिसमें अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में मल्टी पार्किंग बनाई गईं थी, जिससे कि लोगों को पार्किंग व अपने वाहन की सुरक्षा को लेकर कोई परेशानी न हो व उनका वाहन सुरक्षित रखा रहें। जिसमें एमपी नगर व न्यू मार्केट टीटी नगर में मल्टी लेवल स्मार्ट पार्किंग का करोड़ों रूपयों की लागत से निर्माण कराया गया था। इसके बावजूद मल्टी लेवल पार्किंगों की सुविधा को पलीता लगता नजर आता है।
         एमपी नगर व टीटी नगर में करोड़ों रूपयों की लागत से बनी मल्टी लेवल स्मार्ट पार्किंगों का नगर निगम व स्मार्ट सिटी कंपनी ने निजी एजेंसियों को कॉन्ट्रेक्ट दिया था, जिसके बाद उन्होंने पार्किंग में फैली अव्यवस्था की तरफ ध्यान नही नहीं दिया। जिसका असर यह है कि आज इन मल्टी लेवल स्मार्ट पार्किंगों में अस्वस्थाएं पसरी हुई हैं।
        टीटी नगर में बनीं मल्टी स्मार्ट पार्किंग में नगर निगम की 29 दुकानें है, जिनमें काफी दुकाने खाली पड़ी हुई है, जिसका मुख्य कारण वहां की सफाई व्यवस्था दुरूस्त न होना, लिफ्ट न होना, पानी की सुचारू व्यवस्था न होना है, जिसके चलते कोई भी व्यक्ति वहां दुकान खरीदने से परहेज करता है। जबकि सफाई व्यवस्था के नाम पर प्रत्येक दुकानदारों से 1000 रूपया ऐंठे जाते हैं, फिर भी उन्हें सफाई व्यवस्था मुहैया नहीं कराई जाती है।

जगह-जगह पड़ी शराब की बोतलें

निजी एजेंसियों की लापरवाहियों के चलते यह पार्किंग स्थल शराबियों का अड्डा बनते नजर आ रहे हैं, जैसे ही शाम होती है शराबियों की महफले जम जाती है, जिसके बाद वह शराब का सेवन कर पार्किंग में अव्यवस्था का माहौल बनाते हैं व शराब, पानी की बोतलें इत्यादि वहीं छोड़कर चले जाते है। जिससे कि लोगों में अपने वाहनों व स्वयं की असुरक्षा का खतरा बना रहता है।


चारो ओर पसरी गंदगी  

इन पार्किंग स्थलों में चारो ओर गन्दगी का अंबार लगा हुआ है, जगह-जगह कूड़ा-करकट व शराब की बोतले फैली हुई है, जिससे यह साफ नजर आता है कि इन निजी एजेंसियों द्वारा पार्किंग का रख-रखाव सही से नहीं किया जा रहा है, न ही समय पर सफाई व्यवस्था दुरूस्त रखी जा रही है और न ही शराबियों का पार्किंग में प्रवेश वर्जित किया जा रहा है। जिससे लोग अपने वाहन यहां खड़े करने से कतराते हैं।
50 प्रतिशत भी नहीं होती पार्किंग
पार्किंग की समस्या को देखते हुए इन मल्टी पार्किंगों का निर्माण कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद कभी भी इन पार्किंगों में 50 प्रतिशत वाहन भी पार्किंग के लिए नहीं आते। पार्किंग के प्रथम तल में ही कुछ वाहन खड़े होते हैं, बाकी तलों में एक या दो या फिर एक भी गाड़ी पार्क नहीं की जाती है। आलम यह है कि इन पार्किंगों के सामने सड़क पर ही लोग अपने वाहन पार्क कर देते हैं, लेकिन मल्टी पार्किंगों में गाड़ी खड़ी करना लाजमी नहीं समझते, आखिर ऐसा क्यों... ?
महीने में होती है लाखों की वसूली

वैसे तो मल्टी लेवल स्मार्ट पार्किंगों में वाहनों का अभाव रहता है, लेकिन फिर भी यह पार्किंग महीने में लाखों की वसूली करते हैं, लेकिन वसूली के तौर पर लोगों को वह सुविधा मुहैया नहीं करा पाते हैं, जो लोग चाहते हैं कि पार्किंग स्थल पर साफ-सफाई बनी रहे हैं व उनकी वाहन सुरक्षित रहें। लेकिन उन्हें यह मुमकिन नजर नहीं आता जिस वजह से वह सड़क पर ही अपने वाहन पार्क कर देते हैं।
10 बार जारी किए जा चुके हैं टेंडर

मल्टी पार्किंग में बनीं दुकानों में चतुर्थ तल पर 9 दुकानें हैं, जिनमें से केवल 3 दुकाने ही लोगों द्वारा ली गई हैं, बाकी की 6 दुकानें कई वर्षों से खाली पड़ी हुई हैं, नगर निगम द्वारा इन दुकानों के नाम 10 बार टेंडर जारी किए जा चुके हैं, लेकिन यहां की चरमराई व्यवस्था को देख लोग मुंह मोड़ लेते हैं। उनका कहना होता है कि बिल्डिंग में दूसरी लिफ्ट की सुविधा नहीं है और जो एक लिफ्ट है वह किसी दुकानदार ने अपने निजी कनेक्शन से चालू करवाया है, जिसका भुगतान नगर निगम ने अभी तक वहन नहीं किया। जिस कारण लोगों को सीढ़ियों के माध्यम से ऊपर तक आना होता है, जिससे वह नाराजगी व्यक्त करते हैं। यदि ऐसे में वह यहां दुकान लेते हैं तो इन अव्यवस्थाओं के बीच वह अपना कारोबार कैसे कर पाएंगे।
रोजाना कटवानी पड़ती है रसीद

दुकानदारों का कहना है कि तृतीय तल व चतुर्थ तल पर जो दुकानें हैं, यदि वहां किसी ग्राहक या कर्मचारी या स्वयं को आना होता है तो नीचे से पार्किंग की रसीद कटवाकर आना होता है, जिससे उनके साथ-साथ दुकानों पर आने वाले ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, दुकानदारों का कहना है कि महीने में उनसे एक बार पार्किंग का एकत्रित शुल्क ले लिया जाए, लेकिन यह मुमकिन नहीं हो पा रहा है।
कई बार कर चुके शिकायत
दुकानदारों ने एकत्रित होकर यहां की अव्यवस्थाओं के सम्बंध में जोनल अधिकारी के माध्यम से उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजे हैं, लेकिन वह शिकायती पत्र अभी तक लंबित पड़े हुए हैं, जिसके चलते व्यवस्थाओं में कोई सुधार न होने से दुकानदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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