डिजिटल तकनीकी ने पैदा किए 5 लाख गुलाम - डिजिटल दास्ता बढ़ा रही है गरीबी

  संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ने जो रिपोर्ट जारी की है।उसके अनुसार लगभग 5 करोड लोग बंधुआ मजदूर अर्थात गुलामो की श्रेणी में आ गए हैं।

डिजिटल तकनीकी के माध्यम से जबरिया मजदूरी, कर्ज देकर बंधक बनाना, इच्छा के विरुद्ध विवाह, मानव तस्करी के माध्यम से उन्हें दास बनाने की नई प्रथा शुरू हो गई है।

रिपोर्ट में 4.96 करोड़ लोगों में पुरुषों की संख्या 2.28 करोड़,महिलाओं की संख्या 2.67 करोड़, बच्चों की संख्या 1.23 करोड है,

रिपोर्ट के अनुसार अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भारत,इंडोनेशिया, सुडान, मिस्र, यमन, जॉर्डन सेनेगल, युगांडा और कांगो में यह समस्या सबसे ज्यादा देखी गई है।

डिजिटल तकनीकी और संचार माध्यम का उपयोग स्मार्टफोन के रूप में बड़े पैमाने पर हो रहा है।अमीरों से लेकर गरीबों के बीच में स्मार्ट फोन एक नशे की तरह भी समाज को प्रभावित कर रहा है। मोबाइल एडिक्शन की जो नई बीमारी सामाजिक स्तर पर पैदा हुई है। उससे बच्चे महिलाएं और सभी उम्र के लोग प्रभावित हुए हैं। मोबाइल के कारण मानसिक रोगियों की संख्या बड़ी तेजी के साथ बढ़ रही है। सामाजिक स्तर पर गरीबी और गुलामी जैसे हालात को पैदा कर रही है।

Subscribe to our Newsletter