धारावी पुनर्विकास योजना: अदाणी समूह को निविदा दिए जाने के खिलाफ दायर याचिका खारिज

Dec 20, 2024

- याचिका संयुक्त अरब अमीरात की सेकलिंक टेक्नोलॉजीज ने की थी दायर  

मुंबई । बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को मुंबई के धारावी झुग्गी बस्ती के पुनर्विकास परियोजना को अदाणी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को दिए जाने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। यह याचिका संयुक्त अरब अमीरात स्थित सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉरपोरेशन द्वारा दायर की गई थी। उन्होंने अदाणी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को परियोजना देने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने के लिए याचिका दाखिल की थी।

मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति अमित बोरकर की खंडपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि यह मामला कोई आधार पर नहीं है। अदाणी समूह ने धारावी पुनर्विकास परियोजना के लिए 259 हेक्टेयर के लिए सबसे अधिक बोली लगाई थी और 2022 में 5,069 करोड़ रुपये की पेशकश के साथ इसे हासिल किया था। सेकलिंक टेक्नोलॉजीज ने 2018 की निविदा को रद्द करने के बाद अदाणी को इस परियोजना के लिए नई निविदा देने की चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने यह फैसला सुनाते हुए कहा ‎कि याचिका में उठाए गए आधारों में दम नहीं है। सरकार के निविदा को रद्द करने और अदाणी को प्रोजेक्ट देने में यह चुनौती व्यर्थ रही।



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