भारत में महंगाई के बेकाबू होने का खतरा बढ़ा

Dec 26, 2023

- 4,000 किमी दूर हो रही लड़ाई ने भारत की चिंता बढ़ाई

नई दिल्ली । यमन के ईरान से समर्थन वाले हूती विद्रोही लाल सागर में कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने से दुनिया की कई बड़ी शिपिंग कंपनियों ने इस मार्ग पर अपना संचालन रोक दिया है। इसके बजाए वे अब ब्लैक सी रूट का उपयोग कर रहे हैं। इससे भारत में फ्रेट चार्ज बढ़ने से महंगाई के बेकाबू होने का खतरा बढ़ गया है। इस संकट का असर भारत पर पड़ना शुरू हो गया है। हाल में हूती विद्रोहियों ने भारत के क्रूड कैरियर एमवी साई बाबा पर दक्षिणी लाल सागर में ड्रोन से हमला किया। साथ ही भारत के लिए कच्चा तेल ला रहे लाइबेरिया के एक जहाज को अरब सागर में भारत के एक्सक्लूसिव इकनॉमिक जोन के बाहर निशाना बनाया गया। भारत का 65 फीसदी कच्चा तेल स्वेज नहर के रास्ते आता है जबकि 50 फीसदी ‎निर्यात भी इसी रास्ते होता है।

स्वेज नहर लाल सागर और भूमध्यसागर को कनेक्ट करती है। लाल सागर यूरोप और एशिया के बीच व्यापार का मुख्य समुद्री रास्ता है। इससे स्वेज नहर के रास्ते होने वाले कारोबार पर भी खतरा पैदा हो गया है। हूती विद्रोही कई जहाजों पर ड्रोन और एंटी-शिप मिसाइलों से हमला कर चुके हैं। इससे दुनिया की चार बड़ी शिपिंग कंपनियों ने लाल सागर के रास्ते अपने ऑपरेशन रोक दिए हैं। ग्लोबल मेरिटाइम ट्रेड में इन चार कंपनियों की ग्लोबल मेरिटाइम ट्रेड मे 53 फीसदी हिस्सेदारी है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय कारोबार एनजी आयात के लिए इस रूट पर निर्भर है। उसके लिए लागत और सुरक्षा का जोखिम बढ़ गया है। भारत को ट्रेड रूट डाइवर्सिफाई करने और रीजनल मेरिटाइम सिक्योरिटी कोऑपरेशन बढ़ाने की जरूरत है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत को अपने एनर्जी आयात को डाइवर्सिफाई करने की जरूरत है ताकि बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर निर्भरता कम की जा सके। यानी भारत को फारस की खाड़ी, अफ्रीका और मध्य एशिया से तेल का आयात बढ़ाना चाहिए।


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