ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड चुनने का मिलेगा विकल्प
Mar 07, 2024
- मौजूदा कार्डधारकों को कार्ड के नवीकरण के समय यह विकल्प दिया जाएगा
नई दिल्ली । भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को निर्देश दिया कि क्रेडिट कार्ड लेते समय ग्राहकों को यह चुनने की छूट दी जाए कि वे किस नेटवर्क का कार्ड लेना चाहते हैं। बैंकिंग नियामक ने कार्ड जारी करने वालों और नेटवर्कों को ऐसा कोई समझौता करने से रोक दिया है, जिसके कारण ग्राहक दूसरे नेटवर्क की सेवाएं नहीं उठा पाते। आरबीआई ने कहा कि कार्ड जारी करने वाले अपने पात्र ग्राहकों को कार्ड जारी करते समय विभिन्न कार्ड नेटवर्कों में से चुनने का विकल्प देंगे। जहां तक मौजूदा कार्डधारकों का सवाल है तो उन्हें कार्ड के नवीकरण के समय यह विकल्प दिया जाएगा। नियामक का यह निर्देश छह महीने बाद 6 सितंबर से प्रभावी होगा।
आरबीआई द्वारा अधिकृत कार्ड नेटवर्कों में अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कॉर्प, डायनर्स क्लब इंटरनेशनल लिमिटेड, मास्टरकार्ड एशिया/पैसिफिक प्राइवेट लिमिटेड, नैशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया-रुपे और वीजा वर्ल्डवाइड प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। हालांकि आरबीआई ने यह साफ नहीं किया है कि ये निर्देश को-ब्रांडेड कार्ड पर भी लागू होंगे अथवा नहीं। कोई बैंक अपने ग्राहकों को किसी भी नेटवर्क का कार्ड दे सकता है। मगर कुछ को-ब्रांडेड कार्ड भी होते हैं, जो केवल एक ही प्लेटफॉर्म पर पेश किए जाते हैं।
निजी क्षेत्र के एक बैंक के कार्ड प्रमुख ने कहा है कि जिस तरह से सर्कुलर लिखा गया है उसके मुताबिक हरेक कार्ड में कम से कम दो नेटवर्क अवश्य होने चाहिए। साथ ही उस कार्ड के लिए किया गया समझौता किसी खास नेटवर्क तक सीमित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि को-ब्रांडेड कार्ड केवल एक ही नेटवर्क के साथ जारी किए जाते हैं। कई बार नेटवर्क हम ही चुनते हैं और कुछ मामलों में कारोबारी लिहाज से फैसले किए जाते हैं। ऐसे में हम स्थिति स्पष्ट करने की मांग करेंगे।