दिल्ली में हमेशा के लिए बैन हो जाएंगे पटाखे

 

नई दिल्ली । दिल्ली में त्योहारों के सीजन से पहले दिल्ली-एनसीआर में हमेशा के लिए पटाखों की ब्रिकी पर बैन के लिए सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए। देश की सबसे बड़ी अदालत अब इस मामले में 13 दिसबंर को दोपहर 2 बजे सुनवाई करेगी। बता दें कि दशहरा-दिवाली के त्योहार से पहले कोर्ट में ये अहम सुनवाई हो रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है क्या दिल्ली-एनसीआर में हमेशा के लिए पटाखे बैन हो जाएंगे? सुप्रीम कोर्ट ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट में केंद्र सरकार से रेगुलेटरी प्रोटोकॉल के बारे में बताने को कहा है।

गुरुवार को सुनवाई के दौरान  ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट में कहा कि केंद्र सरकार ने एक्सपर्ट की रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली में सिर्फ ग्रीन क्रैकर्स की इजाजत दी है। इसके अलावा एक्सपर्ट ने ग्रीन पटाखों की क्वालिटी को बेहतर करने के सुझाव दिए थे। मंत्रालय ने इसकी परमिशन भी दी थी। कोर्ट में पटाखा निर्माताओं ने भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि ये एक बड़ी इंडस्ट्री है और इससे लाखों लोग जुड़े हुए हैं। हमें ग्रीन पटाखों की क्वालिटी में सुधार करने का सुझाव दिया गया था। हमने इस दिशा में कदम उठाया गया है।

इस पर कोर्ट ने कि ऐसे काम नहीं चलेगा। इसके लिए एक मेकेनिज्म होना चाहिए। इस मामले में सीएसआइआर, पीएसओ और सरकार सब अलग अलग बातें करती हैं। इस मामले में याचिकाकर्ता का पक्ष रखते हुए उनके वकील ने कहा कि पटाखों को लेकर अलग-अलग प्राधिकरण अलग-अलग बातें कर रहे हैं। उन्होंने सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यहां 20 लोगों के मरने की खबरें आईं थी। इस तरह की घटनाएं अक्सर इस इंडस्ट्री में सुनने को मिलती हैं और इसको भी ध्यान में रखना चाहिए। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस सीटी रवि कुमार की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है।



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