कांग्रेस का दावा -प्रदेश में 2018 से कहीं ज्यादा कांग्रेस के अनुकूल माहौल इस बार मप्र में हम बहुमत से सरकार बनाएंगे

Oct 04, 2023


भोपाल । मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर इस बार कांग्रेस 2018 से कहीं ज्यादा उत्साहित है। उसका दावा है कि, इस बार मप्र में 2018 से कहीं ज्यादा कांग्रेस के अनुकूल माहौल है। हालांकि 2018 में दो डेढ़ दशक के बाद तीन अंकों में सीटें हासिल की थी और मध्यप्रदेश में सत्ता काबिज भी हो गई थी। लेकिन महीने में ही सत्ता कांग्रेस के हाथों से फिसलकर भाजपा के पास चली गई थी। 

रिपोर्ट्स के अनुसार 1990 से 2018 तक के आंकड़े देखें तो, प्रदेश में कांग्रेस को अंतिम बार बहुमत 1998 में मिला था। तब मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी थी।  इसके अलावा तब छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश से अलग नहीं हुआ था। तब कांग्रेस ने 316 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था। तथा 172 सीटों को जीतकर पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई थी। 


तीन चुनाव तक सिमटी रही दहाई के आंकड़े पर

आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव को छोड़ दें तो, उसके पहले के तीन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन अत्यंत ही निराशाजनक रहा है। इन चुनावों में कांग्रेस सीटों के मामले में दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी। कांग्रेस को 2003 में सिर्फ 38 मिल सकी थी। इसके 2008 में 71 और 2013 में 58 सीटों से उसे संतोष करना पड़ा था। जबकि 2018 में बहुमत से दो सीटें कम 114 सीटें हासिल हुई थी। इसके बावजूद कांग्रेस निर्दलीयों के समर्थन से सत्ता काबिज हुई।


2018 से ज्यादा कांग्रेस अनुकूल माहौल

कांग्रेस में इस बार 2018 से कहीं ज्यादा उत्साह है। कांग्रेस के प्रवक्ता अविनाश बुंदेला कहते हैं कि 2018 में प्रदेश की जनता में शिवराज सरकार के प्रति नाराजगी तो थी, लेकिन कांग्रेस के पक्ष में इतना रूझान नहीं था। हालांकि हमने सरकार बनाई थी। लेकिन इस बार 2018 से  स्थिति कुछ अलग है। जो रूझान मिल रहे हैं उनके अनुसार इस बार जनता प्रदेश में बदलाव चाहती है। इस बार कांग्रेस और ताकतवर बनकर उभरेगी और प्रदेश में बहुमत से सरकार बनाएगी।



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