सेबी की निपटान याचिकाओं में बड़ी वृद्धि, 798 करोड़ का शुल्क वसूला

- पिछले वर्ष के 434 आवेदनों की तुलना में 62 फीसदी अधिक 

नई दिल्ली । वित्त वर्ष 2024-25 में बाजार नियामक सेबी को प्रतिभूति नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में 703 निपटान याचिकाएं प्राप्त हुईं, जो पिछले वर्ष के 434 आवेदनों की तुलना में 62 फीसदी अधिक हैं। यह वृद्धि दर्शाती है कि बाजार सहभागियों में लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचते हुए विवाद सुलझाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। सेबी की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार प्राप्त याचिकाओं में से 284 मामलों का निपटारा किया गया, जबकि 272 याचिकाएं वापस ली गईं, अस्वीकृत की गईं या लौटा दी गईं। निपटाए गए मामलों से सेबी ने 798 करोड़ रुपये निपटान शुल्क और 65 करोड़ रुपये वसूली शुल्क के रूप में प्राप्त किए।

निपटान आदेश मुख्य रूप से भेदिया व्यापार, धोखाधड़ीपूर्ण व्यवहार, वैकल्पिक निवेश कोष, म्यूचुअल फंड और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक से संबंधित नियमों के उल्लंघन पर जारी किए गए। सेबी का निपटान तंत्र पक्षकारों को कुछ शर्तों और शुल्क के साथ मामले समाप्त करने का विकल्प देता है, जिससे मुकदमेबाजी से बचा जा सकता है। साथ ही 2024-25 में प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) में सेबी से जुड़े 533 नई अपीलें दायर की गईं, जो पिछले वर्ष की 821 अपीलों की तुलना में कम हैं। इनमें से लगभग 62 फीसदी अपीलें धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार व्यवहार निषेध विनियम, 2003 के उल्लंघन से जुड़ी थीं।



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