बाढ़ में बहा सेना का गोला-बारूद, 7 सै‎निकों सहित 26 शव ‎किए बरामद

गंगटोक । सिक्किम के रंगपो में भीषण बाढ़ के प्रकोप से अनेक लोग हताहत हो गए हैं। अहम बात यह है ‎कि तीस्ता नदी के तट पर सेना से संबंधित गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा बाढ़ में बह गया। हालां‎कि उसके बाद वहां पर जोरदार विस्फोट हुआ, ‎जिसके बाद धुएं का घना बादल छा गया। सेना के सूत्रों ने बताया कि अचानक आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या भी काफी हो गई है। इसमें 7 सै‎निकों व 19 आमजन के शव बरामद ‎किये हैं। वहीं भारी मात्रा में सेना का गोला-बारूद नदी में बह गया था। हालांकि इस धमाके में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

सेना ने स्थानीय निवासियों को भी सतर्क किया और उनसे कहा कि अगर उन्हें कोई हथियार या गोला-बारूद लावारिस पड़ा मिले तो वे अधिकारियों को तुरंत इसकी सूचना दें। इससे पहले गुरुवार को असम के बक्सा जिले का रहने वाला सेना का एक जवान तीस्ता नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद लापता हो गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय सेना के तकनीकी विभाग में कार्यरत एक क्राफ्टमैन मितुल कलिता, सिक्किम में अचानक आई बाढ़ के बाद लापता 22 सैनिकों में से एक थे। राहत ‎कार्य में जुटे अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ के कीचड़ और मलबे से अब तक सात सैनिकों सहित 26 शव बरामद किए गए हैं। जबकि 142 लोग अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है। 

गौरतलब है ‎कि यहां बुधवार तड़के बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने 25,000 से अधिक लोगों को प्रभावित किया है। वहीं बाढ़ ने 1,200 से अधिक घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है और 13 पुल बह गए हैं। इस आपदा से सुरम्य हिमालयी राज्य की स्थति बेहद खराब हो गई है। अब तक विभिन्न क्षेत्रों से 2,413 लोगों को बचाया गया है और 6,875 लोगों ने राज्य भर के 22 राहत शिविरों में शरण लिया है। राज्य का अधिकांश क्षेत्र देश के बाकी हिस्सों से कट गए हैं। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने मृतकों के परिवारों के लिए 4 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है। वहीं शिविरों में शरण लेने वाले सभी लोगों के लिए 2,000 रुपये की तत्काल राहत की घोषणा की गई है। 



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