कंट्रोल दुकानों पर मिलेगा राशन के अलावा अन्य सामान भी
Sep 06, 2023
-पायलट प्रोजेक्ट के रूप में खाद्य विभाग करेगा नई शुरुआत
भोपाल। अभी कंट्रोल दुकानों पर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को रियायती दरों पर गेहूं, चावल, केरोसिन व अन्य राशन दिया जाता है। अब कंट्रोल दुकानों को भी फायदे में लाने के लिए अन्य सामानों को बेचने की अनुमति दी जा रही है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत खाद्य विभाग इसका प्रयोग करने जा रहा है और अगर सफल साबित हुआ तो प्रदेशभर की कंट्रोल दुकानों पर इसे अपनाया जाएगा। बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं द्वारा कंट्रोल दुकानों से गेहूं, चावल सहित अन्य राशन खरीदा जाता है और प्रशासन गड़बड़ी करने वाले कंट्रोल संचालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करता रहा है।

महंगाई बढऩे के साथ कंट्रोल दुकानों का संचालन भी अब अधिक फायदेमंद नहीं रहा है। खासकर, भोपाल-इंदौर जैसे शहर में दुकान का किराया, नौकर सहित अन्य सुविधाओं पर भी अधिक राशि खर्च होने लगी है और जो कमीशन कंट्रोल संचालकों को मिलता है, वह कम पडऩे लगा है। अब कंट्रोल दुकानों का इस्तेमाल गरीब और निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों द्वारा ही किया जाता है और समय-समय पर कंट्रोल संचालकों पर प्रशासन और खाद्य विभाग कार्रवाई भी करता रहा है, जो राशन की अफरा-तफरी, कालाबाजारी में लिप्त रहते हैं। लिहाजा इन कंट्रोल संचालकों को अतिरिक्त मुनाफा हासिल हो सके, इसलिए दुकानों का इस्तेमाल बहुउद्देशीय किया जा रहा है। यानी, अब कंट्रोल दुकानों को राशन के अलावा कॉस्मेटिक व अन्य खान-पान की सामग्री, जो कि किसी किराना स्टोर पर मिलती है, उसी तरह उपलब्ध होगी।

साबुन, पेस्ट, शैम्पू, मसाले से लेकर अन्य सामग्री भी मिलेगी, जिससे कंट्रोल संचालक को भी फायदा होगा और वह राशन में गड़बड़ी भी नहीं करेगा। संभवत: इसी महीने से खाद्य विभाग इंदौर में यह प्रयोग शुरू करवाएगा। अभी पिछले दिनों कंट्रोलविहीन पंचायतों में भी दुकानें खुलवाई गर्इं और महिला स्वसहायता समूहों को इसके संचालन का जिम्मा सौंपा है। कंट्रोल दुकानों पर बड़ी कम्पनियों की बजाय स्थानीय कम्पनियों की सामग्री रखवाई जाएगी, ताकि सामान्य या सस्ती दरों पर ही यह दूसरा सामान भी उपभोक्ताओं को मिल सके। दूसरी तरफ मांगलिया की उचित मूल्य दुकान पर गड़बड़ी मिलने पर विक्रेता और उसके सहायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। जिला आपूर्ति नियंत्रक एमएल मारू ने बताया कि 50 क्विंटल गेहूं और 2 क्विंटल चावल कम पाया गया, जिसके चलते विक्रेता राकेश राठौर और सहायक विक्रेता प्रमोद दाहिगोड़े के खिलाफ क्षिप्रा थाने पर एफआईआर दर्ज करवाई गई।