गुजरात में सेमिकंडक्टर प्लांट लगाने के लिए एक और करार, 20 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

- माइक्रोन को मिला गुजरात की डबल इंजन सरकार की विकास की दोहरी गति का त्वरित लाभः भूपेन्द्र पटेल

- गुजरात का सेमीकंडक्टर उत्पादन का प्रोजेक्ट आज पूरी दुनिया में ‘फास्ट इम्प्लीमेंटेशन प्रोजेक्ट’ के रूप में पेश किया जा रहा हैः अश्विन वैष्णव 

गांधीनगर | मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में बुधवार को गांधीनगर में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दिग्गज और अग्रणी माइक्रोन कंपनी के साणंद स्थित सेमीकंडक्टर प्लांट की गतिविधियों को और तेजी देने के लिए ट्रस्ट एंड रिटेंशन एग्रीमेंट-टीआरए (विश्वास और प्रतिधारण अनुबंध) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अनुबंध के अंतर्गत गुजरात सरकार का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार का इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन तथा आईसीआईसीआई बैंक, माइक्रोन कंपनी को प्लांट कार्यरत करने के लिए आवश्यक सहयोग तथा वित्तीय सहायता के साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की विभागीय प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने में सहायता करेंगे।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस अनुबंध को गुजरात में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार की दोहरी विकास गति के त्वरित लाभ प्रदान करने वाला अनुबंध करार दिया। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में माइक्रोन को उसके प्लांट के लिए केवल एक सप्ताह के भीतर साणंद में जमीन उपलब्ध होना तथा 90 दिनों के भीतर ही प्लांट का भूमिपूजन एवं निर्माण कार्य का शुरू होना, यह केवल डबल इंजन सरकार की विकास प्रतिबद्धता से ही संभव है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि माइक्रोन का यह सेमीकंडक्टर उत्पादन प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के संकल्प को साकार करते हुए ‘विकसित भारत@2047’ के विजन में गुजरात को निश्चित रूप से सेमीकंडक्टर क्षेत्र का हब बनाएगा। उन्होंने इस बात की भी सराहना की कि साणंद में 22 हजार करोड़ रुपए की लागत से 93 एकड़ क्षेत्र में निर्माणाधीन माइक्रोन फैसिलिटी द्वारा रोजगार के लगभग 20,000 प्रत्यक्ष एवं परोक्ष अवसर सृजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हाल ही में गुजरात प्रतिनिधिमंडल के साथ अपनी सिंगापुर यात्रा के दौरान माइक्रोन फैसिलिटी एंड असेंबली यूनिट के दौरे की याद ताजा की। उन्होंने कहा कि इस दौरे के दौरान माइक्रोन ने गुजरात प्रतिनिधिमंडल को यह जानकारी दी कि साणंद में निर्माणाधीन प्लांट भी सिंगापुर के पैटर्न पर हाई टेक्नोलॉजी के साथ कार्यरत होगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर माइक्रोन को राज्य सरकार के आवश्यक सहयोग के लिए तत्परता भी व्यक्त की।

केंद्रीय रेल और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में माइक्रोन को राज्य सरकार की ओर से मिल रही त्वरित प्रतिक्रिया के लिए बधाई दी। वैष्णव ने कहा कि गुजरात का यह प्रोजेक्ट पूरी दुनिया में चर्चा का केंद्र बनने के साथ-साथ डबल इंजन सरकार के ‘फास्ट इम्प्लीमेंटेशन’ यानी द्रुत कार्यान्वयन के उदाहरण के रूप में पेश किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जताई कि माइक्रोन के इस प्रोजेक्ट के चलते सेमीकंडक्टर सेक्टर में और अधिक निवेश प्रस्ताव आएंगे।

माइक्रोन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट गुरुशरण सिंह ने सरकार के विभागों और अधिकारियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का सक्रिय दृष्टिकोण गुजरात में प्रोजेक्ट को तेजी से कार्यरत करने में गति लाएगा। इस अनुबंध पर हस्ताक्षर के अवसर पर मुख्य सचिव राज कुमार, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव पंकज जोशी, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव जे.पी. गुप्ता, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती मोना खंधार तथा आईसीआईसीआई के गुजरात रीजन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित माइक्रोन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


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