हिमाचल में भी हुआ था उत्तरकाशी जैसा हादसा, सुरक्षित निकाले गए थे मजदूर
Nov 21, 2023
- उत्तराखंड टनल हादसा: सभी 41 मजदूर सुरक्षित, बचाने की कोशिश जारी
शिमला । उत्तराखंड के उत्तराकाशी में सिल्क्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बचाने की कोशिशें जारी हैं। फिलहाल, सभी मजदूर सकुशल हैं और उन्हें खाना और पानी दिया जा रहा है। अहम बात है कि सिल्क्यारा सुरंग की तरह ही हिमाचल प्रदेश में भी 9 साल पहले ऐसा ही हादसा हुआ था, जिसमें दो मजदूर 10 दिन बाद बिना खाने के जिंदा निकले थे। इन दोनों मजदूरों ने दस दिन तक अंदर गंदा पानी पीया और कागज खाए थे। बड़ी बता है कि तीन दिन तक टनल में फंसे हुए मजूदरों की संख्या का पता नहीं चल पाया था। जानकारी के अनुसार 12 सितंबर 2015 की यह घटना है, जब हिमाचल प्रदेश के बिलासरपुर जिले में कीरतपुर मनाली फोरलेन पर निर्माणाधीन टनल अंदर से ढह गई थी। इस दौरान तीन मजदूर अंदर फंस गए थे। सिरमौर और मंडी जिले के ये दोनों मजूदर थे। मंडी जिले के उप तहसील की नलवागी पंचायत के करेरी गांव निवासी मणिराम और सिरमौर के सतीश तोमर टनल में फंसे रहे थे। दोनों ने रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बताया था कि टनल के अंदर गंदा पानी और कागज के टुकड़े उन्होंने खाए थे।
गौरलतब है कि इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जहां टनल के अंदर से ड्रिलिंग की गई। वहीं टनल के ऊपर से भी आधुनिक ड्रिलिंग मशीन से छेद किया गया। टनल के ऊपर से लगभग 42 मीटर होल से एनडीआरएफ का जवान टनल में उतरा था और फिर दोनों मजदूरों को बारी-बारी रस्से से बांध कर ऊपर भेजा गया। 10वें दिन के बचान अभियान के दौरान एनडीआरएफ के सब इंस्पेक्टर नरेश ने 1.3 मीटर चौड़े होल से टनल में प्रवेश किया था। वह सुबह टनल में उतरे, लेकिन, कंकरीट होने के कारण वह टनल के अंदर नहीं जा सके। फिर दोबारा कोशिश में वह अंदर पहुंचने में कामयाब हुए थे। पूरे अभियान के दौरान टनल के ऊपर और साथ साथ खुदाई की गई। उस दौरान आईएएस अफसर मानसी सहाय बिलासपुर की डीसी थी और उनके नेतृत्व में ही यह रेस्क्यू ऑपरेशन चला था। अब बताया जा रहा है कि उन्होंने उत्तराखंड के सीएम से भी बात की है और तकनीकी जानकारी सांझा की है।