चीनी वैज्ञानिकों का कमाल, चूहे का डैमेज कान फिर किया विकसित
Jul 09, 2025
-अब स्पाइनल कॉर्ड के पुनर्निर्माण पर करने जा रहे शोध
बीजिंग,। चीन के वैज्ञानिकों ने चूहे के डैमेज हुए कान को फिर से विकसित करने में उपलब्धि हासिल की है। यह प्रक्रिया ‘ऑर्गन रिजनरेशन’ यानी अंगों के पुनर्निर्माण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकती है। वैज्ञानिकों ने इस प्रयोग में ‘जेनेटिक स्विचिंग’ तकनीक का इस्तेमाल किया, जिसके तहत शरीर में निष्क्रिय पड़े जीन को दोबारा सक्रिय किया गया। इस तकनीक से डैमेज टिश्यू फिर से बनने लगे।
मीडिया रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने चूहे के शरीर में मौजूद एक विशेष जीन को सक्रिय किया, जो रेटिनोइक एसिड बनाता है। यह विटामिन-ए का एक प्रकार होता है और डैमेज टिश्यूज की मरम्मत करने में मदद करता है। इस जीन को सक्रिय करने के बाद चूहे के डैमेज हुए कान के ऊतक फिर से विकसित हो गए।
वैज्ञानिकों के मुताबिक यह रिसर्च भविष्य में इंसानों के डैमेज अंगों को दोबारा विकसित करने की दिशा में उपयोगी साबित हो सकती है। अब शोधकर्ता इसी तकनीक का इस्तेमाल करके रीढ़ की हड्डी (स्पाइनल कॉर्ड) के पुनर्निर्माण पर शोध करने जा रहे हैं। चूहों की शारीरिक और जेनेटिक संरचना इंसानों से मिलती-जुलती है। उनके शरीर पर हुए परीक्षणों के परिणाम अक्सर मानव शरीर पर भी कारगर साबित होते हैं। इसके अलावा, तेजी से प्रजनन करने की क्षमता के कारण वैज्ञानिक कम समय में कई पीढ़ियों पर अध्ययन कर सकते हैं। इस शोध से भविष्य में उन रोगियों को लाभ मिल सकता है जो दुर्घटनाओं या जन्मजात कारणों से अंग क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में हैं। यदि इंसानों पर भी यह तकनीक सफल हो जाती है, तो यह आधुनिक चिकित्सा में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।