डिजिटल अरेस्ट के सभी आरोपी - सबूत होते हुए भी अदालत से बरी

Jun 26, 2025

ग्वालियर । इस समय देश में डिजिटल अरेस्ट के सैकड़ो मामले सामने आए हैं। डिजिटल अरेस्ट के माध्यम से हर माह करोड़ों रुपए की लूट होती है। साइबर क्राइम पुलिस ने कई मामलों में गिरफ्तारी भी की है।  इन मामलों में आरोपियों को सजा मिलने के स्थान पर समझौते के आधार पर अदालत द्वारा आरोपियों को अपराध मुक्त किया जा रहा है।

कश्मीर के मीर मुदस्सर को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। रिटायर्ड महिला शिक्षिका आशा भटनागर ने मार्च 2024 में साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई थी। डिजिटल अरेस्ट के द्वारा 51 लाख रुपए की ठगी का दावा किया था।

साइबर पुलिस ने इस मामले की जांच की। 51 लाख रुपया श्रीनगर निवासी मीर मुदस्सर के खाते मे ठगी की राशि ट्रांसफर की गई थी।

13 अप्रैल 2024 को पुलिस ने उसे और 10 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वह जेल में लंबे समय से बंद था। पहले जमानत के सभी आवेदन खारिज हो चुके थे। हाईकोर्ट से अब आरोपियों को राहत मिली है। आरोपी ने शिक्षिका आशा भटनागर से समझौता कर लिया है।उसने एफआईआर निरस्त करने का आवेदन हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया था। 24 जून को हाईकोर्ट ने आरोपी की याचिका को स्वीकार कर एफआईआर  निरस्त करने के आदेश दिए हैं। जिसके कारण डिजिटल अरेस्ट के सभी आरोपियों को अब हाईकोर्ट से क्लीन चिट मिल गई है।


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