मरीज की मौत के बाद परिजनो ने निजी हॉस्पिटल में डॉक्टरो से मारपीट कर की तोड़फोड़, बलवा का मामला दर्ज
Sep 11, 2023
भोपाल। शहर के पिपलानी थाना इलाके में स्थित अनंतश्री हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद गुस्साये परिजनो और परिचिता ने प्रंबधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में मौजूद जुनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट करते हुए अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ कर डाली। शिकायत मिलने पर पुलिस ने हंगामा करने वालो के खिलाफ बलवा सहित अन्य धाराओं में मामला कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार रात कुछ लोग सीने में दर्द की शिकायत पर 48 वर्षीय मरीज को लेकर अनंत श्री अस्पताल पहुंचे थे। हॉस्पिटल में स्टॉफ ड्यूटी पर मौजूद डॉ.रितेश ने मरीज का चेकअप करने के बाद तुरंत ही ईसीजी कराने की सलाह दी। लेकिन परिजनों ने डॉक्टर की बात नहीं मानी उनका कहना था कि पैशैंट खुद चलकर आया है, और उसकी हालत ऐसी नहीं कि कोई जांच की जाए।
डॉक्टर ने उन्हें समझाइश देते हुए कहा की आप जल्द जॉच कराइये इसके आधार पर मरीज को तुरंत ही इलाज की जरुरत है। दोनों पक्षों के बीच गहमा-गहमी के बीच ही मरीज की अचानक तबियत बिगड़ गई। डॉक्टरो ने इलाज शुरु किया लेकिन उसकी मौत हो गई। मरीज की मौत होन पर साथ आये परिजन और परिचत गुस्सा हो गए और उन्होनें ड्यूटी डॉक्टर के साथ मारपीट करते हुए अस्पताल में तोड़फोड़ शुरु कर दी। मरीज के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टरों ने ठीक ढंग से चेकअप नहीं किया और इसी लापरवाही के कारण उनकी मौत हुई। वहीं डॉक्टर रितेश का कहना है, कि परिजनो को पहले ही ईसीजी कराने की सलाह दी थी। हंगामे की खबर मिलने पर पहुंची डायल-100 ने उस समय जैसै तैसै विवाद को शांत कराया।
बाद में पुलिस ने डॉ रितेश की शिकायत पर आरोपी रवि, प्रशांत, राजू, शुभम सहित अन्य के खिलाफ बलवा सहित अन्य धाराओ में मामला कायम कर आगे की जॉच शुरु कर दी है। घटना अस्पताल के सीसीटीवी कैमरो में कैद हुई है, जिसके फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुए है। मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन के डॉक्टर नवीन बत्रा ने सोशल मीडिया प्लेफॉर्म पर मैसैज पोस्ट करते हुए कहा है की वह बीती रात सफर मे थे और उनका फोन नेटवर्क से बाहर था। रात करीब 2 एक मरीज को उसके परिजन सहित अन्य काफी लोगे सीने में दर्द की शिकायत के साथ लेकर आये थे। लेकिन उसे भर्ती नहीं किया और आधे घंटे बाद मरीज दोबारा वापस आया उसकी नाजूक हालत को देखते तुरंत ही उसका उपचार कर सीपीआर दिया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। उसके साथ परिवार और अन्य दर्जनो लोगो की भीड़ ने दो जूनियर डॉक्टरों के साथ जमकर मारपीट की, जिनके चेहरे, सिर पर गंभीर चोटें आईं है। उन्होनें यह भी लिखा है, कि इस घटना के सीसीटीवी फुटेज बहुत डरावने हैं।
हमने इसकी एफआईआर कराई है। वहीं मरीज के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज का चेकअप ठीक ढंग से नहीं किया जिसके कारण मरीज की जान चली गई। वे पहले पैसे जमा कराने और कई जांच की बात पर अड़े रहे।