आखिर क्यों किया आंतकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने रुस पर हमला......1400 साल के पुराने इतिहास का जनाना होगा

मॉस्को । रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हमेशा अमेरिका सहित पश्चिमी दुनिया के देशों को धमकी देते हैं। वे मानते हैं कि अमेरिका, यूरोपियन यूनियन सहित पश्चिमी देश उनके खिलाफ हैं, कोल्ड वॉर के दौर से ही रूस की यह स्थिति है। इसी तरह आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट तमाम इस्लामिक दहशतगर्द भी पश्चिमी देशों को अपना खुला विरोधी और दुश्मन मानते हैं। इसके बाद सवाल उठाता हैं कि इस्लामिक स्टेट ने उस रूस पर भीषण आतंकी हमला क्यों किया, जो खुद भी पश्चिम के खिलाफ रहा है। 

दरअसल आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट की विचारधारा को समझने वाले जानकार मानते हैं कि रूस भी उसका दुश्मन जैसा ही है। इसकारण रूस में ईसाई मत को ही मानने वाले लोगों की संख्या अधिक है। इस्लामिक स्टेट मानना है कि बीते 1400 सालों से इस्लाम और ईसाईयत के बीच जंग जारी है। 

इसके अलावा इस्लामिक स्टेट, अलकायदा सहित तमाम आतंकी संगठन मानते हैं, कि ईसाई मत मानने वाले एवं अन्य गैर-इस्लामिक देशों का एक अनकहा गठबंधन है। इसके बाद भारत, रूस सहित तमाम देश इनके टारगेट पर रहे हैं। इस्लामिक स्टेट में रूस, भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस सहित दुनिया भर से गए लोग आतंकी बने हैं। 

इन लड़ाकों को लगता है कि रूस भी इस्लाम के खिलाफ है। इसके बाद उसके खिलाफ भी जिहाद छेड़ना चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार रूस पर हमले की एक वजह यह भी है कि पुतिन सरकार सीरिया में बशर अल असद का समर्थन करती है। असद सरकार को इस्लामिक स्टेट अपने खिलाफ मानता है। 1999 में चेचेन्या में रूस की ओर से लड़ा गया खूनी युद्ध भी इसकी एक वजह है। इसके अलावा अफगानिस्तान में रूस के 1980 में पहुंचने को भी आतंकी संगठन इस्लाम के खिलाफ उठाया कदम मानते हैं। 




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