2027 विश्व कप हेतु शमी और भुवनेश्वर को लेकर आकाश चोपड़ा की राय
Aug 08, 2026
नई दिल्ली । 2027 विश्व कप को लेकर अभी काफी समय शेष है, लेकिन टीम में कौन-कौन से खिलाड़ी होने चाहिए, इसकी चर्चा तेज हो गई है। भारतीय टीम की गेंदबाजी लाइन-अप को लेकर तमाम तरह की अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, खासकर मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाजों की भूमिका पर। मशहूर कमेंटेटर और पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने इन दोनों गेंदबाजों के चयन पर अपनी राय व्यक्त की है और साथ ही बताया है कि कब तक पता चल जाएगा कि 2027 विश्व कप में उनकी जगह बनेगी या नहीं।
आकाश चोपड़ा ने अपने एक खास शो में कहा कि भुवनेश्वर कुमार के विपक्ष में एक बात यह जाती है कि उन्होंने रणजी ट्रॉफी बीते कुछ सालों से खेला नहीं है। आईपीएल और अन्य टूर्नामेंट देखकर उनकी फिटनेस का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। चोपड़ा ने सवाल उठाया कि क्या वे वनडे क्रिकेट में 10 ओवर की गेंदबाजी कर पाएंगे, यह एक बड़ा प्रश्न है।
उन्होंने सुझाव दिया कि अगर भुवनेश्वर को 2027 विश्व कप के लिए चुनना है, तो उन्हें अभी से खिलाना होगा और विश्व कप से एक साल पहले से हर घरेलू वनडे टूर्नामेंट का हिस्सा रहना चाहिए ताकि उन्हें तैयार होने के लिए पूरा एक साल मिल सके। केवल आईपीएल के चार ओवर और डेढ़ महीने तक चलने वाली सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में गेंदबाजी देखकर विश्व कप की टीम में चुनना मुश्किल हो जाएगा।
चोपड़ा ने यह भी कहा कि वह भुवनेश्वर कुमार को बहुत पसंद करते हैं और दिल से चाहते हैं कि वे भारतीय वनडे विश्व कप टीम का हिस्सा हों, लेकिन उनकी फिटनेस को लेकर कुछ बातें उनके खिलाफ जाती हैं।
मोहम्मद शमी के लिए भी वही बात लागू होती है, हालांकि उन्होंने रणजी ट्रॉफी के मैच खेले हैं और दलीप ट्रॉफी भी खेलने वाले हैं, जिससे फिटनेस के मामले में वह भुवनेश्वर से बेहतर नजर आते हैं। हालांकि, चोपड़ा का मानना है कि आईपीएल में मैन टू मैन मार्किंग की जाए तो भुवनेश्वर को ज्यादा प्रेफरेंस दी जा सकती है।
आकाश चोपड़ा ने शमी और भुवनेश्वर की वापसी पर कहा कि दोनों आएंगे टीम में ऐसा मुझे नहीं लगता। दोनों में से कोई एक ही जाएगा और इनमें से कौन एक जाएगा वह अगले 6 महीने में पता चल जाएगा। न्यूजीलैंड दौरे से पता चल जाएगा कि इनमें से कौन विश्व कप 2027 में जाएगा कौन नहीं जाएगा। भारत अक्टूबर-नवंबर 2026 में न्यूजीलैंड के दौरे पर होगा। चोपड़ा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कप्तान शुभमन गिल, चयनकर्ता और कोच दोनों को टीम में चुनेंगे; मुश्किल से मुश्किल कोई एक हो सकता है, हालांकि संभावना नहीं भी होने की है।