आधार ने मिलवाया पाच साल से लापता मंदबुद्धि युवक को

Oct 03, 2023

बबलू हरसूद से ट्रेन में बैठकर पहुंच गया था बिहार

भोपाल । प्रदेश के खंडवा जिले में पांच साल से लापता मंदबुद्धि युवक को आधार कार्ड ने दुबारा मिला दिया है। रंजीत उर्फ बबलू निवासी ग्राम निशानिया 2018 से घर से लापता था। गुमशुदगी हरसूद थाने में दर्ज करवाई थी। किसी ने उससे मजाक में कह दिया कि तेरे माता-पिता तीर्थ यात्रा पर चले गए। इतना सुनते ही बबलू हरसूद से ट्रेन में बैठ गया। उसे यह भी पता नहीं था कि ट्रेन कहां जाएगी। और बिहार के मुजफ्फरपुर उतरा। भूखा-प्यासा बबलू भोजन की तलाश में एक होटल पर पहुंचा। होटल वाले ने पता पूछा तो कुछ बता नहीं पाया। होटल वाले ने उसे अपने पास रख लिया। 2018 से 2020 तक बबलू होटल पर काम करता रहा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में उस होटल पर मधुबनी जिले की एक महिला पहुंची, जिसका बालक घर से लापता था। महिला को बबलू अपने बालक की तरह नजर आया। होटल वाले को बताकर वह बबलू को अपने गांव नवटोली ले गई। इसके बाद से बबलू वहीं रह रहा था। महिला कुछ समय पहले बबलू का आधार कार्ड अपडेट कराने गई तो वहां से अपडेट का लेटर बबलू के पुराने पते पर पहुंच गया। पहली बार वाया पोस्ट अपडेट आधार कार्ड बबलू के पुराने पते पर ग्राम निशानिया पहुंचा, लेकिन तब स्वजन ने ध्यान नहीं दिया।

जब दोबारा आया तो सचेत हुए और पुलिस थाने पहुंचे। हरसूद टीआई ने आधार के मोबाइल नंबर पर बात की फिर पुलिस टीम बिहार पहुंची। वहां महिला ने प्रमाण मांगा तो टीम प्रमाण लेने वापस आ गई। जानकारी के अनुसार दोबारा पुलिस टीम बबलू को लेने नवटोली पहुंची तो ग्रामीणों ने पुलिस को ही बंधक बना लिया। इस पर 10 थानों की टीम पहुंची। फिर भी ग्रामीणों ने पुलिसवालों को नहीं छोड़ा। इसलिए जिले की टीम वहां हाईकोर्ट में डीएनए करवाने का बोलकर वापस आ गई। इसके बाद 24 सितंबर को खंडवा की टीम को वहां के प्रशासन ने बुलवाया और औपचारिकता पूरी कर बबलू को सौंप दिया गया।

खंडवा कलेक्टर अनूप कुमार सिंह और एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल के संज्ञान में मामला आया तो 12 सितंबर को उनके निर्देश पर पुलिस प्रशासन की टीम बिहार के लिए दोबारा रवाना हुई, परंतु उक्त महिला ने बबलू को उन्हें सौंपने से इंकार कर दिया। इसके बाद टीम वहां के पुलिस थाने पहुंची।




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