उपभोक्ता हितों की रक्षा और पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम

Jul 18, 2025

जयपुर। जोधपुर डिस्कॉम ने स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं के बीच फैली भ्रांतियों पर स्पष्ट किया है कि ये मीटर पूरी तरह प्रमाणित, सटीक और पारदर्शी हैं तथा किसी भी प्रकार की तेज रीडिंग या मनमानी बिलिंग की आशंका निराधार है। डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल ने बताया कि भारत सरकार की संशोधित वितरण क्षेत्र योजना के अंतर्गत प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य चरणबद्ध रूप से चल रहा है। यह कार्य विद्युत वितरण प्रणाली को अधिक सक्षम, पारदर्शी और उपभोक्ता केंद्रित बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

डॉ. भंवरलाल ने बताया कि स्मार्ट मीटरों की सबसे बड़ी विशेषता है सटीक बिलिंग, रीयल टाइम खपत की जानकारी, मोबाइल ऐप के माध्यम से बिलिंग व नियंत्रण की सुविधा, और प्रीपेड मीटरों पर प्रति यूनिट 15 पैसे की छूट। उपभोक्ता अब अपने मोबाइल पर बिजली की खपत की निगरानी कर सकते हैं और जरूरत के मुताबिक ऑनलाइन रिचार्ज भी कर सकते हैं। औसत बिल, अनुमानित रीडिंग और गलत बिलिंग की समस्या से अब छुटकारा मिलेगा।प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया कि कुछ लोगों द्वारा फैलाया जा रहा है कि स्मार्ट मीटर पुराने मीटरों की तुलना में अधिक यूनिट दर्शाते हैं, जबकि यह तकनीकी रूप से गलत और भ्रामक है। सभी स्मार्ट मीटर भारतीय मानकों के अनुरूप प्रमाणित निर्माण इकाइयों में तैयार किए जाते हैं और इन्हें राष्ट्रीय मानक परीक्षण प्रयोगशालाओं में जांचा-परखा जाता है।

डॉ. भंवरलाल ने बताया कि उपभोक्ताओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए डिस्कॉम ने कुछ स्थानों पर चेक मीटर भी लगाए हैं। इन मीटरों का उद्देश्य उपभोक्ता मीटर की रीडिंग का तकनीकी सत्यापन करना है। चेक मीटर की रीडिंग बिलिंग के लिए नहीं ली जाती बल्कि विवाद की स्थिति में यह तकनीकी साक्ष्य के रूप में काम करता है।


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