400 सिंधी शरणार्थी भोपाल आए,अब डेढ़ लाख की आबादी

Jun 20, 2025

भोपाल । भारत और पाकिस्तान के बीच 1947 में जब विभाजन हुआ था। तब पाकिस्तान से 400 सिंधी शरणार्थी परिवार भोपाल आए थे। इन्हें बैरागढ़ में सिंधी कैंप स्थापित करके बसाया गया था। 1980 तक लगभग सभी परिवारों को भारत की नागरिकता मिल गई थी। कुछ ऐसे परिवार थे, जिनके पास कोई दस्तावेज नहीं थे। उन नागरिकों की नागरिकता के बारे में 2017 में गृह मंत्रालय ने विशेष शिविर लगाकर 150 लोगों को  नागरिकता दी। 

सिंधी सेंट्रल पंचायत के संरक्षक भगवान देव इसरानी के अनुसार जिन लोगों को नागरिकता नहीं मिली थी। उनका मामला कई बार विधानसभा में उठा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर देश के 6 राज्यों के कलेक्टरों को विशेषअधिकार दिया था। वह अपने स्तर पर नागरिकता के लंबित मामलों पर फैसला कर, नागरिकता प्रमाण पत्र जारी करने की कार्रवाई करें। मध्य प्रदेश मे भोपाल एवं इंदौर कलेक्टर को इसके लिए गृह मंत्रालय ने प्राधिकृत किया था

विभाजन के समय जो 400 परिवार पाकिस्तान से भोपाल में आकर बसे थे। उसके बाद सिंधी समाज की जनसंख्या तेजी के साथ बढी। आज सिंधी कैंप बैरागढ़ भोपाल का सबसे बड़ा उपनगर है। भोपाल में सिंधी समाज की आबादी लगभग डेढ़ लाख हो गई है। विस्थापन के बाद सिंधी समाज ने अपने साहस और बुद्धि बल से अपने आप को यहां स्थापित किया। सिंधी समाज को आर्थिक और सामाजिक रूप से सृमद्ध करने में एक दूसरे को योगदान दिया है। सिंधी समाज की प्रगति गौरव के रूप में सभी के सामने है। 


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