पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर ठोका 1.80 करोड़ जुर्माना

Aug 04, 2023

ननि द्वारा आदमपुर छावनी में लगी आग का मामला
भोपाल । नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा नगर निगम पर 1.80 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही इसे दो माह में मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खाते में जमा करने के निर्देश दिए हैं। जुर्माने की राशि का उपयोग आदमपुर छावनी के आसपास आग की वजह से हुई पर्यावरणीय क्षति को सुधारने में किया जाएगा।
बता दें कि आदमपुर छावनी स्थित लैंडफिल साइट में फरवरी 2023 को यहां डंप कचरे में आग लग गई थी। जिससे आसपास के क्षेत्र में पर्यावरण को काफी नुकसान हुआ था। फरवरी माह में लैंडफिल में लगी आग 15 दिन से अधिक समय तक सुलगती रही, लेकिन पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से इसे बुझाया नहीं जा सका था। इससे उत्पन्न वायु व भूजल प्रदूषण को लेकर पर्यावरणविद सुभाष सी पांडे ने एनजीटी में याचिक लगाई थी। जिसके बाद जांच के लिए एनजीटी द्वारा ज्वाइंट कमेटी बनाई गई थी। इसमें नगर निगम की लापरवाही सामने आइ थी।
एनजीटी ने ज्वाइंट कमेटी की सिफारिस को स्वीकार करते हुए और नगर निगम के खिलाफ 1.5 करोड़ रुपये के पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति को और बढ़ाते हुए 1.80 करोड़ रुपये कर दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई नगर निगम और पीसीबी के द्वारा एनजीटी के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद 15 नवंबर 2023 को होगी। इस मामले में एनजीटी ने जुर्माने की राशि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास जमा करने को कहा है। साथ ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मप्र राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कलेक्टर और डीएफओ भोपाल को पर्यावरण सुधार के लिए एक कमेटी बनाने को कहा है। ये कमेटी आगामी दो माह में 1.80 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनएगी, जिससे अगले तीन में लागू किया जाएगा।
ज्वाइंट कमेटी के सदस्यों ने जांच के दौरान पाया कि लैंडफिल साइट में आग या आपातकाल से बचने के इंतजाम नहीं थे। जबकि इसके पहले 26 मई 2022 को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी राज्यों को एडवायजरी जारी कर लैंडफिल साइट में सुरक्षा के सभी प्रबंध करने के निर्देश दिए थे।
वहीं आग लगने के बाद भी लैंडफिल साइट पर करीब 1.5 लाख क्यूबिक मीटर कचरा कच्ची जमीन पर पड़ा मिला। इस कचरे से उत्पन्न खतरनाक रसायन(लीचेट) आसपास के खेतों और भूजल को प्रदूषित कर रहा है। जिससे आसपास के आधा दर्जन गांव के भूजल में आयरन की मात्रा बढ़ गई है, ग्रामीण बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। आसपास रहवासी लंबे समय यहां फैल प्रदूषण की शिकायत भी कर रहे थे लेकिन निगम प्रशासन ने सभी की शिकायतों को अनसूना कर दिया। 


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