जर्मन बस ड्राइवर की बहादुरी ने नाटो एयरबेस पर बड़ा हमला नाकाम किया

बर्लिन। जर्मनी में नाटो के महत्वपूर्ण एयरबेस पर बड़े ड्रोन हमले की साजिश को एक बस ड्राइवर की असाधारण बहादुरी ने नाकाम किया।  जानकारी के अनुसार, यह घटना लीपजिग/हैल एयरपोर्ट पर हुई, जो नाटो और वैश्विक कार्गो लॉजिस्टिक्स के लिए एक प्रमुख केंद्र है।

सत्ताधारी कंजर्वेटिव सीडीयू पार्टी के सांसद डेटलेफ सेफ ने बताया कि बस ड्राइवर ने कम ऊंचाई पर उड़ते हुए एक ड्रोन को देखा। उसके पास ड्रोन को रोकने का कोई और साधन नहीं था, लेकिन ड्राइवर ने साहस दिखाते हुए हवा में ही लात मारकर गिरा दिया।

सांसद ने इस कार्य को बहुत साहसी लेकिन खतरों से भरा हुआ बताया। उन्होंने पुष्टि की कि यह ड्रोन पेशेवर विस्फोटकों और डेटोनेटर से लैस था। ड्राइवर के अदम्य साहस के कारण ड्रोन पास में ही गिरकर नष्ट हो गया, जिससे एयरपोर्ट पर होने वाला संभावित हमला टल गया।

जर्मनी ने घटना को अत्यंत गंभीर मानकर आतंकवाद के कोण से जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने हालांकि अभी तक उस बस ड्राइवर का नाम उजागर नहीं किया है, और न ही यह बताया गया है कि यह ड्रोन कहां से आया था और कैसे एयरपोर्ट के प्रतिबंधित इलाके में पहुंच गया।

लीपजिग/हैल एयरपोर्ट नाटो के स्ट्रैटेजिक एयरलिफ्ट इंटरनेशनल सॉल्यूशन का एक मुख्य परिचालन बेस है, जिसका उपयोग रक्षा संधि के पूर्वी हिस्से को मजबूत करने और विभिन्न मिशनों के लिए उपकरण पहुंचाने हेतु एंटोनोव विमानों के लिए किया जाता है। डीएचएल जैसी बड़ी लॉजिस्टिक्स कंपनियाँ भी इसका इस्तेमाल करती हैं।

यह हमला एक महत्वपूर्ण रणनीतिक लक्ष्य पर किया गया था, जिसे जर्मन अधिकारियों द्वारा मॉस्को पर लगाए गए हाइब्रिड हमलों के आरोपों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, हालांकि मॉस्को इन आरोपों से इनकार करता रहा है।






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