भरत मेंघानी,संतनगर
उपनगर में जहां तक विकास कार्यो की बात की जायें तो वो सब घोषणाओं तक ही सीमित है इससे आगे कभी नहीं बढ़ पाई है शहर के विकास के लिए कई घोषणाएं की जाती रही है पर उस पर अमलीजामा कब पहनाया जाएगा। इसकी समय सीमा तय नहीं है। जहंा तक बात की जायें क्षेत्र की विभिन्न सड़कों की तो उनकी दुर्दशा वर्तमान में बेहदही दयनीय बनी हुई है जहंा से वाहन निकलना तो दूर पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है आधा दर्जन से भी अधिक सड़कों की हालत अपनी स्थिति बयां कर रही है बारिश शुरू होते ही सड़कों पर दलदलीय स्थिति निर्मित होना आम बात हो गई है ये वो प्रमुख सड़के है जहंा से प्रतिदिन सैकड़ो की संख्या में नागरिको का आवागमन होता है बड़ी बड़ी ये सड़के कई कालोनियों से जुड़ी हुई है वर्तमान में हो रही बारिश के चलते सड़कों पर पानी भरा होने से लोगों को निकलने में परेशानी हो रही है सड़कों पर उबर आए बड़े बड़े गड्ढों में पानी भर रहा है अधिकांश सड़के गड्ढों में तब्दील हो गई है इससे ऐसा प्रतीत होता है की सड़कों में गड्ढें है या गड्ढों में सड़क है इस और किसी भी जनप्रतिनिधि का ध्यान नहीं जा रहा है शहर की जनता का हाल बेहाल बना हुआ है जिनका मार्गो से निकलना मुश्किल हो गया है कई सड़कें जिनका कई वर्षो से कायाकल्प नहीं हो पाया है वो जर्जर अवस्था में है प्रमुख मार्गो के अलावा आवासीय कालोनियों की कई गलियों की भी हालत बुरी नजर आ रही है झमाझम बारिश होते ही सड़कें स्वीमिंग पुल का रूप ले लेती है और बारिश थमने के बाद गड्ढे दलदलीय स्थिति मुसीबत बन जाती है।
इन मार्गो से निकलना हुआ मुश्किल
उपनगर के कई एप्रोच मार्गो से होते हुए भी नागरिक अपनी अपनी कालोनियों की ओर जाते है ऐसे में उन्हीं प्रमुख मार्गो की हालत खराब है जिसमें प्रमुख रूप से प्रेमरामचंदानी मार्ग शामिल है इस मार्ग से हजारों की संख्या में लोगो का आना जाना होता है इसके अलावा कई छोटे बड़े वाहन यहंा से निकलते है इस मार्ग का कार्य चलने से एक रास्ता बंद है वहीं दूसरा गड्ढो में बदल गया है यहां पर ऐसा लगता है कि गड्ढो में सड़क बनी हुई हैै इसके अलावा साधु वासवानी स्कूल से पीएनबी चौराहे वाली सड़क, आरा मशीन रोड, मछली मार्केअ के पास, एफ वार्ड, टेकरी रोड, डॉ भंभानी रोड, सर्राफा मार्केट, सीआरपी, बी वार्ड, टी वार्ड सहित कई अंदरूनी गलियों की स्थिति दयनीय बनी हुई है जहंा से निकलना आसान नहीं रहा है गड्ढों में पानी भरा होने से वाहन चालक जब निकलते है तो छीटें उड़ाते हुए निकलते है जो लोगो को तो लगते ही है जिनके घर मार्ग किनारे है उन्हें भी परेशानी उत्पन्न हो रही है।
बारिश में स्वीमिंग पूल बनती सड़कें
पिछले कई वर्षो से सड़के विकास की बांट ज्यो रही है पर विकास तो दूर इनकी मरम्मत तक नहीं की जाती है बारिश पूर्व जो सड़कों के भरने की बात नगर निगम द्वारा की जाती है उस पर भी अमल नहीं किया जाता है अब जबकि बारिश का मौसम शुरू हो गया है ओर सड़कों पर पानी भरने से स्वीमिंग पूल की स्थिति बन रही है इसके बाद भी ना तो समतलीकरण ओर ना ही गड्ढों को भरने का कार्य किया जा रहा है जनप्रतिनिधियों के दिए निर्देश भी बेअसर साबित हो रहे है।

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी नई सड़कें
क्षेत्र में कुछ नवीन सड़कें भी बनाई गई है जो समय से पहले ही दम तोड़ चुकी है ये सड़कें भी भ्रष्टाचार की भेंंट चढ़ गई। जल्दबाजी में बनी इन सड़कों पर भी गड्ढं बनना शुरू हो गए है इसमें प्रमुख रूप से पंाच भाई मार्ग की सड़क शामिल है जिसे एक साल भी नहीं हुआ है इसके अलावा टेकरी की ओर जाने वाली सड़क, बी वार्ड, व्यायामं शाला के पास सहित कई ऐसी सड़कों का निर्माण किया गया जिसमें गुणवक्ता का कोई ध्यान नहीं रखा गया है ये सड़कें भी जर्जर हो चली है लाखों रूपये सड़क निर्माण पर खर्च किए जा रहे है पर जिस प्रकार की मजबूती होनी चाहिए वैसी नहीं दिखाई दे रही है निर्माण कार्य के दौरान जिम्मेदार दूर ही रहते है।