नगर प्रतिनिधि,संतनगर
जीएसटी लागू होने के बाद से जो व्यापार ठप पड़ा हुआ है उसका सबसे ज्यादा असर मध्यम व गरीब तबके के लोगो को भी पड़ रहा है व्यापारियों के पास काम काज नहीं होने से मेहनत मजदूरी का परिवार पालने वालो के सामने बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है एक तरफ दिन भर काम के इंतजार में बैठने के बाद भी काम नहीं मिल रहा है वहीं दूसरी तरफ खाने पीने की चीजों पर महंगाई ने चितायें बढ़ा दी है। जिसका सबसे ज्यादा असर सब्जियों पर दिखाई दे रहा है सब्जियों के दाम इन दिनों आसमान पर है जो जमीन पर नहीं आ रहे है सबसे ज्यादा बिकने वाला टमाटर के दाम शतक पार पहुंच गए है टमाटर के बढ़ते दामों ने सब्जियों का स्वाद ही बिगाड़ दिया है गरीब की थाली से सब्जियों का स्वाद लगातार दूर होता जा रहा है टमारट के अलावा धनिया भी १२५ रू किलों बिक रहा है टमारट धनिया के अलावा सब्जियों के दाम भी कम होने का नाम नहीं ले रहे है महंगाई के चलते घरो का बजट ही बिगाड़ दिया था एक तो काम काज कम है वहीं दूसरी तरफ महंगाई ने दम निकाल दिया है पिछले १५ दिनों से सब्जियों के दामों में जो बढ़ोत्तरी हुई है वो कम नहीं होने का नाम नहीं ले रही है स्वंय सब्जी विक्रेताओं का भी मानना है कि इतने दिनों तक पिछले २० वर्षो में सब्जियों के दामों में बढ़ोत्तरी नहीं देखी गई है सब्जियों की आवक में एक दम से ब्रेक सी लग गई है सब्जियों के दाम बढऩे से से ग्राहकी भी प्रभावित हो रही है। ग्राहक भी दाम बढऩे से कम ही सब्जियां ले रहा है टमाटर १०० व धनिया १२५ रू किलो हो गया है वही भिंडी, गोभी, फूल गोभी, टिंडे, पालक, शिमला मिर्च के अलावा अन्य सब्जियां भी महंगी बिक रही है।