युग प्रदेश,संतनगर : दुबई से पधारी श्रीमती आशा चांद की उपस्थिति में एक गोष्ठी वार्ता आयोजित की गई जिसमें उन्होने सिंधी संगत के उद्देष्यों, लक्ष्यों और कार्यो का विवरण देते हुए कहा कि सिंधी संगत मुंबई में पंजीकृत एक प्रतिष्ठित गैर-लाभकारी संगठन है। सिंधी भाषा, संस्कृति और विरासत के संरक्षण और वृद्धि के लिए वर्ष 2000 में इसकी स्थापना हुई थी। हमारा प्रयास है कि प्रान्तहीन सिंधी समुदाय के बीच वर्चुअल बॉन्ड बनाकर इंटरनेट और मिडिया के आभासी मंच के माध्यम से उनको एक जुट किया जाए। हमारी गतिविधियों में मुख्य रूप से टीवी प्रोडक्षंस,म्यूजिक वीडियो, वेबक ास्ट, सिंधी लर्निग प्रोग्राम और कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट पर संबंधित अनुप्रयोग शामिल है। इसके अतिरिक्त सिंधी संगत द्वारा तृतीय अंतर्राष्ट्रीय सिंधी बाल गीत प्रतियोगिता का आयोजन कि या जा रहा है जिसमें 3 से 8 साल क ी आयु वर्ग के बच्चों के लिए इस प्रतियोगिता हेतु प्रवेश प्राम्भ है जो 15 जुलाई से शुरू होकर 15 अक्टूबर को समाप्त होगी। इस अवसर पर विष्णु गेहानी, सुशील वासवानी, बसंत चेलानी, चन्दर नागदेव, के .टी.दादलानी, तोलाराम हिमथानी, मेनिस मैथ्यूस, विमला हिंगोरानी, किरन वाधवानी, भगवानी बाबानी, श्रीमती कवीता ईसरानी, रेनू आसुदानी ने भी सिंधी भाषा को बढ़ावा देने के लिए अपने-अपने तर्क रखें तथा श्रमती आशा चांद को आश्वासन दिया कि हम सभी सिंधी भाषा को बढ़ावा देने के लिए आपका पूरा सहयोग करेंगे।