नगर प्रतिनिधि,संतनगर
प्रदेश भर में व्यापारिक नगरी के रूप में प्रसिद्ध उपनगर में सबसे बड़ा कपड़ा बाजार है इसके बावजूद भी इन मार्केटों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। ऐसे में अगर लापरवाही हुई तो कपड़ा बाजार एक बार फिर राख हो सकता है विगत दिसंबर माह में संत हिरदाराम शॉपिंग काम्पलेक्स में हुई आगजनी की घटना में पूरा कपड़ा बाजार जलकर राख हो गया था। इसके बाद भी व्यापारियों ने इस घटना से कोई सबक नहीं लिया है उपनगर में अलग अलग स्थानों पर कपड़े की सैकड़ो दुकानें निर्मित है जहंा पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए है गतरात्रि को भी बस स्टेण्ड के पास स्थित बसंल मार्केट में जेन्टलमेंट टेलरिंग मटेरियल की दुकान में आग लग गई थी यह तो गनीमत है कि आग लगने के बाद तत्काल फायर बिग्रेड की दमकलें मौके पर पहुंचे गई और आग पर काबू पा लिया गया। अगर आग भयावह रूप ले लेती थी इस मार्केट में मौजूद ७५ कपड़े की दुकानें स्वाहा हो जाती। दुकानदार द्वारा दुकान में रखी प्रेस को चालू अवस्था में ही छोड़ दिया गया था। इस लापरवाही से एक बड़ी आगजनी की घटना हो सकती थी। प्रेस ने पहले टेबिल को जला दिया फिर यह आग कपड़ो में जा लगी और दुकान से धुंआ निकलने लगा। बंसल मार्केट पर ९.३० बजे तक बंद हो जाता है रविवार बाजार का दिन होने से कुछ दुकानदार बैठे थे गार्ड ने धुंआ निकलने की जानकारी कपड़ा व्यापारी को दी। जिसने तत्काल ही फायर बिग्रेड के मुख्यालय पर इसकी जानकारी दी बैरागढ़ फायर बिग्रेड से पहुंची दो दमकलों ने आग पर काबू पा लिया। जिससे आगजनी की बड़ी घटना टल गई अन्यथा एक बार फिर व्यापारियों को भारी नुकसान हो जाता। इस मार्केट में भी फायर सिस्टम नहीं लगा हुआ है।
मार्केटो में फायर सिस्टम होना आवश्यक
जहंा जहंा भी बड़े बड़े मार्केट शोरूम या मॉल बनायें जाते है वहंा पर सुरक्षा की दृष्टि से फायर सिस्टम होना बेहद आवश्यक है इन स्थानों पर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए ऐक्सयुनीशल सिलेंडर, आपातकालीन गेट या खिडक़ी, लाईटिंग जो की जाती है वो व्यवस्थित हो साथ ही ऐसी जगह पर बनाई जायें जहंा पर पानी को स्टोरेज हो ताकि तत्काल आग पर काबू हो सकें। पर यहंा मार्केटों में जो गैस रखे है वो केवल शोपीस के लिए है बड़ी बड़ी मार्केट तो बना दी जाती है पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने से बड़े हादसे हो जाते है।
बस स्टेण्ड क्षेत्र में बंसल मार्केट वर्ष १९८७-८८ में बनाया गया था यहंा पर ग्राउंड फ्लोर, प्रथम तल व द्वितीय तल बना हुआ है जहंा लगभग ७५ दुकानें बनी हुई है इतनी मात्रा में कपड़े की दुकानें होने के बाद भी इस मार्केट में सुरक्षा के कोई संसाधन मौजूद नहीं है मार्केट में फायर सिस्टम के भी कोई इंतजाम नहीं है इस मार्केट के अलावा कृष्णा काम्पलेक्स, नहेरू मार्केट, लक्ष्मी मार्केट, संत हिरदाराम मार्केट, मुखर्जी मार्केट सहित अन्य स्थानों पर भी कपड़े के एकसाथ कई दुकानें है पर सुरक्षा इंतजाम कही नहीं है।
गार्ड ने दी आग की सूचना
आमतौर पर बसंल मार्केट की दुकानें १० बजे तक बंद हो जाती है मार्केट में गार्ड तैनात रहता है सभी गार्ड ने ही दुकान से धुंआ निकलने की सूचना दी थी तो मैने बिना देर किए फायर बिग्रेड के इमरजेंसी नंबर पर काल किया कुछ ही मिनटों में दमकल ने आग पर काबू पा लिया अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था।
संजीव गुप्ता, कपड़ा व्यवसाई
लापरवाही से लगी आग
कपड़ा दुकान में आग दुकानदार की लापरवाही से लगी थी शार्ट सर्किट से नहीं लगी थी दुकानदार गलती से वहंा रखी प्रेस चालू अवस्था में छोड़ गया था जिससे टेबिल जल गया और आग कपड़ो में लग गई।
अनिल शर्मा, एई विद्युत विभाग