नई दिल्ली: बीसीसीआई की ओर से 2013 के आईपीएल स्पाट फिक्सिंग मामले में लगाया गया आजीवन प्रतिबंध केरल उच्च न्यायालय द्वारा हटाये जाने के बाद क्रिकेटर एस श्रीसंत ने कहा कि वह ईश्वर के शुक्रगुजार हैं. कोर्ट के इस फैसले के बाद एनडीटीवी से बातचीत में श्रीसंत ने कहा कि अभी उनके अंदर 3-4 साल का क्रिकेट बचा हुआ है. उन्होंने अपने भविष्य के प्लान के बारे में बताया उनकी पहली प्राथमिकता इस साल रणजी ट्रॉफी में केरल की तरफ से खेलना है. साथ ही कहा है कि वे राष्ट्रीय टीम में वापसी के लिए प्रयास करेंगे. श्रीसंत ने कहा कि वे भारत के लिए एक बार फिर से टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं. केरल क्रिकेट संघ ने कहा कि राज्य क्रिकेट टूर्नामेंटों में खेलने की श्रीसंत की कोशिशों पर उसका सकारात्मक रूख होगा.

34 वर्षीय गेंदबाज ने बताया कि उन्होंने अपनी प्रैक्टिस जारी रखी थी, वे इनडोर स्टेडियम में अपनी गेंदबाजी की लय बरकरार रखने की कोशिश करते. हालांकि श्रीसंत भी मानते हैं कि प्रैक्टिस और मैच में अच्छा प्रदर्शन करना दोनों अलग बाते हैं.

मालूम हो कि इन आरोपों में फंसने के बाद श्रीसंत ने बीजेपी के टिकट से करेल से विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था, पर हार गए थे. इतना ही नहीं श्रीसंत टीवी रियलिटी शो का हिस्सा बनते भी देखे जाते रहे.
कोर्ट ने बार्ड के आदेश पर लगाई रोक: अपने आदेश में न्यायमूर्ति ए मोहम्मद मुश्ताक ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड की श्रीसंत के खिलाफ शुरू की सभी कार्रवाई को भी रोक दिया.

उन्होंने अपने फैसले में कहा ,’यह ध्यान देना होगा कि स्पाट फिक्सिंग मामले में श्रीसंत की भागीदारी को साबित करने वाले कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं मिले हैं.’ श्रीसंत ने इस फैसले पर कहा कि वह ईश्वर के शुक्रगुजार हैं.उन्होंने कहा कि उन्होंने खेलने की तैयारी शुरू कर दी है और उनका लक्ष्य केरल क्रिकेट टीम में जगह पाना है. केरल क्रिकेट संघ ने कहा कि वह श्रीसंत के खेलने की कोशिशों पर सकारात्मक रूख अपनायेगा.अदालत ने कहा कि श्रीसंत ने कभी स्पाट फिक्सिंग मामले के आरोपी जिजू जनार्दनन के आचरण को खारिज करने की कोशिश नहीं की. इसने यह भी कहा कि श्रीसंत के उदासीन रवैये के कारण बीसीसीआई की अनुशासन समिति ने संदेह किया और उसके खिलाफ परिस्थितिजन्य साक्ष्य थे.अदालत ने कहा ,’श्रीसंत का उदासीन रवैया निंदनीय है. उसे जिजू जनार्दनन के आचरण की सार्वजनिक रूप से निंदा करनी चाहिये थी खासकर तब जबकि उसका नाम विवाद में घसीटा गया. अब चार साल तक प्रतिबंध झेलने के बाद इस मामले में आगे कुछ करने की जरूरत नहीं है.’