भोपाल से तय होगी प्रदेशभर की रणनीति, सिंधी सम्मेलन में प्रदेशभर के लोग हुए शामिल

युग प्रदेश, भोपाल : आगामी विधानसभा चुनावों में अगर सिंधी समाज को दोनों ही प्रमुख दलों से राजनैतिक प्रतिनिधित्व नही मिलता है तो सिंधी समाज बड़ा फेंसला ले सकता है इसके लिए वो समाज की कोर कमेटी बनाई गई है वो जो भी फैंसला तय करेगी उसी के तहत ही प्रदेशभर का सिंधी समाज उसका पालन करेगा। सिंधी समाज दोनों ही दलो से राजनैतिक प्रतिनिधित्व की मांग कर रहा है यह निर्णय रविवार को राजधानी में आयोजित सिंधी सम्मेलन में लिया गया। यहां पर प्रदेश के अलग अलग शहरों से विभिन्न पंचायतों के पदाधिकारी शामिल होनें आये थे। बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रदेश भर की रणनीति भोपाल से ही तय होगी। सिंधी समाज का राजनीति में प्रतिनिधित्व नहीं होने से समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है समाज की उपेक्षा भी की जा रही है।
नहीं करेंगे मत का दान, सोच समझकर करेंगे मतदान: भोपाल की सिंधी सेंट्रल पंचायत के नेतृत्व में सिंधी सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें समाज की सभी लोगों ने एकजुट होकर कहा कि इस बार समाज मत का दान नहीं करेगा बल्कि सोच विचार करने के बाद ही मतदान करेगा जो कई वर्षो से समाज करता आया है, वो अब नहीं होगा जो समाज का साथ देगा समाज भी उसी के साथ होगा।
क्या-क्या हो सकता है?: सिंधी समाज को अगर प्रतिनिधित्व नहीं दिया जाता है तो वो क्या फैसला ले सकता है यह तो कोर कमेटी तय करेगी। पर उससे पहले अटकलें लगाई जा रही है कि जहां जहां सिंधी बाहुल्य क्षेत्र है वहां पर निर्दलीय उम्मीदवार खड़े कर सकता है वहीं प्रदेश भर में इस आर, आप, सपाक्स, बसपा, सपा सहित अन्य दल भी मैदान में उतर रहा है कहीं समाज उन दलों में ना शामिल हो जायें। रविवार को हुई बैठक से राजधानी सहित प्रदेश में खलबली मच गई है।

आज भी 450 वर्ग फीट के मकान में रहने को मजबूर हैं

ईसरानी ने मौजूदा सरकार पर जोरदार प्रहार करते हुए कहा कि ईसरानी मार्केट में आज भी 8 लोगों का परिवार 450 वर्गफीट के मकान में रहने को मजबूर है। शहर में ज्यादातर सिंधी परिवारों को जमीन का मालिकाना हक नहीं मिल सका है। न ही मर्जर की समस्या सुलझी और लंबे समय से देश की नागरिकता मांग रहे सैकड़ों सिंधी परिवारों को भारत की नागरिकता भी नहीं मिल सकी है।

प्रदेश में 15 साल से भाजपा की सरकार,लेकिन सिंधी समुदाय अब भी उपेक्षित

भारतीय जनता पार्टी को सिंधी समाज तब से समर्थन दे रहा है। जब पार्टी के पास न तो वाहन होते थे और न ही चुनाव के लिए चंदा होता था। ऐसी भारतीय जनता पार्टी की सरकार पिछले 15 साल से प्रदेश में है, लेकिन सरकार ने एक बार भी सिंधियों के पास पहुंचकर उनका हालचाल जानना उचित न समझा। यह आरोप रविवार को शिवाजी नगर स्थित सिंधु भवन में सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष भगवानदेव ईसरानी ने लगाया। वे समाज के महासम्मेलन में पूरे प्रदेश से आए सिंधी समाज के लोगों को संबोधित करते हुए बोल रहे थे। कार्यक्रम में भोपाल के अलावा सीहोर, देवास, इंदौर, मंदसौर, उज्जैन, बुरहानपुर, दतिया, ग्वालियर और विदिशा सहित कई जिलों के लोग आए हुए थे। खचाखच भरे सिंधु भवन सभागार के अलावा लोगों के बैठने की व्यवस्था बाहर भी की गई थी। बाहर एक बड़ी स्क्रीन के माध्यम से कार्यक्रम की लाइव ब्राडकास्टिंग भी की गई।