शिविर लगना हो सकता है बंद, आवेदन आये मात्र 5

नगर प्रतिनिधि,संतनगर: देश की आजादी के बाद यहां आकर बसे सिंधी विस्थापितों को मालिकाना हक नहीं मिल पाया था जिसकी मांग काफी समयसे की जा रही थी। लगभग ७१ वर्षो से रह रहे सिंधी विस्थापितों को अपनी जगह का पट्टा नहीं मिल पाया था। अब जब मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सिंधी विस्थापितों को मालिकाना हक देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पिछले काफी समय से नगर निगम जोन कार्यालय में शिविर लग रहा है पर इस शिविर को लेकर सिंधी विस्थापित ना तो गम्भीर दिखाई दे रहे है ना ही आवेदन जमा क रने में रूचि ही दिखा रहे है शिविर लगायें एक माह क ा समय बीतने वाला है पर अभी तक मात्र १२५ आवेदन ही जमा हुए है इसमें भी कई झुग्गी बस्ती में रहने वाले आवेदज जमा क रके गए है शनिवार को भी लगाया गया जिसमें ३ घंटे बैठे राजस्व निरीक्षक के पास मात्र ५ आवेदन लेक र लोग पहुंचे अगर ऐसा ही हाल रहा तो जिला प्रशासन शिविर बंद करने पर विचार कर सकता है और आवेदन कार्यालय में ही जमा करने की सुविधा कर सकता है सह्रश्वताह में तीन दिन शिविर लगाया जा सकता है पर आवेदन मात्र गिनती के आ रहे है सिंधी विस्थापित आवेदन जमा करने में रूचि नहीं दिखा रहे है जबकि दो हजार से अधिक परिवार यहंा निवासरत है अगर मंगलवार को शिविर में आवेदन नहीं आये तो शिविर लगना बंद हो सकता है यहां की सामाजिक संस्था भी शिविर का लाभ उठाने की अपील कर रहे है फिर भी विस्थापित नहीं आ रहे है प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी तत्काल सिंधी विस्थापितों को पट्टा देने की बात कही है पट्टा देने से पूर्व जिला प्रशासन आवेदन लेकर इसकी जांच कर पट्टा दिया जाएगा। ऐसे में आवेदन जमा करना बेहद जरूरी है।