संतनगर : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीडीए के पूर्व उपाध्यक्ष, पार्षद व समाजसेवी नारीमल नरयानी का 82 वर्ष की उम्र में शुक्रवार शाम को निधन हो गया। नरयानी पिछले काफी समय से अस्वस्थ्य थे जिसके चलते वो घर पर ही रहते थे, शुक्रवार सुबह को अचानक उनका स्वास्थ्य बिगड गया परिवार के सदस्य उन्हें राजधानी के अस्पताल उपचार के लिए ले गए जहां उपचार के दौरान उनके निधन की खबर आ गई। नारीमल नरयानी को पहचान की कोई जरुरत नहीं थी संतनगर के अलावा सम्पूर्ण प्रदेश में उन्हें सिंधी समाज के दबंग नेता के रुप में जाना जाता था। नारीमल को सब ‘मामा’ भी बोलते थे प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह के वो बेहद करीबी थे नारीमल नरयानी के निधन की खबर से शहर में शोक की लहर छा गई है वहीं कांग्रेसी नेताओं में मायूसी दिखाई देने लगी। नारिमल जी का अंतिम संस्कार आज 12 बजे बैरागढ विश्राम घाट पर किया जाएगा ।

संतनगर की पहचान कांग्रेस के दबंग नेता नारीमल नरयानी ‘मामा’ नहीं रहे

संतनगर की पहचान रहे वरिष्ठ कांग्रेस के दबंग नेता नारीमल नरयानी मामा का शुक्रवार शाम को दुखद निधन हो गया। 82 वर्षीय नारीमल नरयानी पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। हार्ट अटैक आने के बाद उनके द्वारा बायपास सर्जरी करवाई गई। उसके बाद भी उन्होनें हिम्मत नहीं हारी और पार्टी व जनता की निरंतर सेवा जारी रखी। शुक्रवार को अचानक उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया जिन्हें तत्काल ही उपचार के लिए राजधानी के निजी अस्पताल ले जाया गया।

जहां पर कुछ ही घंटो के बाद उनका निधन हो गया। इसकी खबर लगते ही संपूर्ण उपनगर में शोक की लहर छा गई। साथ ही कांग्रेस के स्थानीय नेताओं में मायूसी साफ दिखाई दे रही थी कांग्रेस पार्टी ने नारीमल के रूप में एक दबंग नेता खो दिया। जिनकी कमी हमेशा खिलती रहेगी। नारीमल जिन्हें मामा भी कहां जाता था। मामा की निधन की खबर लगते ही बड़ी संख्या में लोगों का हुजूम उनके निवास पर पहुंचा। इसमें कांग्रेस, भाजपा नेता कार्यकर्ता, समाजसेवी, व्यापारी सहित अन्य लोग शामिल थे। नारीमल नरयानी कांग्रेस नेता के अलावा, पूज्य सिंधी पंचायत, झूलेलाल सेवा ट्रस्ट्र, विक्र मादित्य समिति, सिंधी सेवा ट्रस्ट, सिंधू नवजागरण समिति सहित अन्य संस्थाओं से जुड़कर समाज की सेवा की। जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता है सिंधी समाज के भी नेता के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। अत्यंत ही सरल स्वभाव के धनी, मिलनसार व मदद के लिए हमेशा आगे रहने वाले मामा की याद समाज को आती रहेगी।